अधिकारी मस्त जनता त्रस्त: बार बार अवगत कराने के बावजूद भी समस्या जस की तस,आम जनता परेशान
वैर (भरतपुर/ कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) उपखंड वैर से हलैना सडक मार्ग स्थित गांव जटबलाई , गोविंदपुरा पर निकलना आम आदमी के लिए चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। जबकि इस सड़क मार्ग से काफ़ी संख्या में लोगों का आना जाना बना रहता है। मामूली सी बरसात होने पर इस सड़क मार्ग पर जगह जगह भारी मात्रा में जल भराव की समस्या बनी रहती है। जिससे आने जाने वाले राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। एवं जल भराव से सड़क भी जर्जर हालत में हो गई है। कई जगह सड़क में गहरे गड्ढे हो गए है ।जो कि सड़क से गुजरने वाले राहगीरों को जल भराव में दिखाई नहीं देते है, जिससे गंभीर हादसे हो जाते है, कई बार बुजुर्ग महिला/ पुरुष स्कूल- कॉलेज जाने वाले छात्र- छात्रा उक्त जल भराव में गिरकर चोटिल हो जाते है। जिसके लिए कई बार सार्वजनिक निर्माण विभाग के आला अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अवगत करा दिया ।लेकिन अवगत कराने के उपरांत भी अधिकारियों के कान पर जूं तक नही रेंगती । इससे यह जाहिर होता है कि सरकार की छबि पर सरकार के नुमाइंदे ही पानी फेरते नजर आ रहे है।
इस सड़क मार्ग से आस्था के केंद्र श्री गिर्राज जी एवं श्री खाटू श्याम जी महाराज के लिए श्रद्धालु अक्सर पैदल पद यात्रा के लिए जाते हैं। श्रृद्धालु इस गन्दगी युक्त जल भराव से निकलने के लिए मजबूर हो जाते हैं। आम जन कि समस्याओं हेतु तत्कालीन सरकार द्वारा उपखण्ड मुख्यालय स्थित सार्वजनिक निर्माण विभाग अधिशाषी अभियंता पद स्थापित किया था। लेकिन वर्तमान सरकार में इस का आम जनता को कोई फायदा उपलब्ध नहीं होता नजर आ रहा है ।
अधिशाषी अभियंता अधिकतर आंफिस से नदारद रहते है। शायद विभाग ने अधिशाषी अभियंता कार्यालय खंड वैर का कार्यालय भरतपुर जिला मुख्यालय पर खोल रखा है। जिसके कारण अधिशाषी अभियंता भरतपुर कार्यालय पर ही उपस्थित रहते हों ।जिससे आमजन को परेशानीयो का सामना करना पड़ रहा है। आमजन की समस्यायों को आंफिस में कोई सुनने वाला नहीं होने के कारण आमजन को निराश होकर लौटना पड़ता है। जिससे आमजन का समय एवं पैसा खराब होता है।
जिम्मेदार अधिकारी अगर अपने कर्तव्य के प्रति जागरूक नहीं होगा तो अन्य कर्मचारी अपने कर्तव्य के प्रति जागरूक कैसे हो सकते है । गांव के लोगों ने बताया कि सड़क मार्ग से पानी का निकास सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने भली-भांति नहीं कराया।

