तेल निष्कर्षण इकाईयों की स्थापना के लिये मांगे आवेदन
भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) भारत सरकार की योजना नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल- तिलहन योजना अन्तर्गत फसलोत्तर मूल्य श्रृंखला के लिये सहायता हेतु तेल निष्कर्षण इकाईयों (10 टन क्षमता) स्थापना और तिलहन के प्रसंस्करण के लिये मशीनरी और उपकरण हेतु परियोजना लागत का 33 प्रतिशत या अधिकतम 9.9 लाख रूपये अनुदान का प्रावधान है।
संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार सुरेश चन्द ने बताया कि भूमि और भवन के लिये सहायता प्रदान नहीं की जावेगी, न ही परियोजना लागत की गणना करते समय उनकी लागत पर विचार किया जावेगा। उन्होंने बताया कि तिलहन संग्रह, तेल निष्कर्षण और पुनर्प्राप्ति की दक्षता बढानें के लिये सरकारी अथवा निजी उद्योग, एफपीओ और सहकारी समितियों को मौजूदा बुनियादी ढांचे की क्षमता या दक्षता में सुधार सहित फसल कटाई के बाद के बुनियादी ढॉचे की स्थापना के लिये मिशन के तहत समर्थन दिया जावेगा। इस गतिविधि के तहत सहायता के लिये वीसीपी को प्राथमिकता दी जावेगी तथा कम्पनी एक्ट या कॉपरेटिव एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन होना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि तेल निष्कर्षण इकाईयों (10 टन क्षमता) की स्थापना के लिये डीओएसएम एवं कार्यालय संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार भरतपुर द्वारा आवेदन आमंत्रित किये गये है। इच्छुक पात्र सरकारी अथवा निजी उद्योग, एफपीओ और सहकारी समितियां आवेदन कर सकते हैं। योजना की अधिक जानकारी के लिये कार्यालय संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार भरतपुर, कृषि परिसर, सर्किट हाउस के पीछे, भरतपुर में सम्पर्क कर सकते हैं।
आवेदन हेतु आवश्यक दस्तावेज - डीपीआर (सीए द्वारा निर्मित), कम्पनी का पता, भूमि स्वामित्व या किरायानामा, आधार कार्ड, पेन कार्ड, बैंक पासबुक प्रतिलिपि, आवेदक का पता व मोबाइल नम्बर, कम्पनी एक्ट या कॉपरेटिव एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन प्रतिलिपि, कोटेशन, टर्नओवर प्रमाण पत्र, सरकार से अनुदान संबंधी दस्तावेज आवश्यक हैं।