कोट बांध के कुओं में गिरे दो गौवंश, घंटों की मशक्कत के बाद गौसेवको ने ग्रामीणों की मदद से निकाले सकुशल बाहर
महुवा,दौसा (अवधेश अवस्थी)
महुवा विधानसभा क्षेत्र के मंडावर उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत कोट के बांध की पाल के पास बने दो खुले कुओं में सोमवार सुबह दो अलग-अलग गौवंश पडे होने की सूचना ग्रमीणो के माध्यम से विधायक राजेंद्र मीणा को मिली। विधायक ने तुरंत एक्शन लेते हुए गौ सेवकों व प्रशासन को सूचना देकर गोवंश को शीघ्र निकलवाने का कार्य आरंभ किया वही जैसे ही ग्रामीणों को घटना की जानकारी लगी, मौके पर भीड़ उमड़ पड़ी और कुओं में छटपटाते बेजुबानों के फोटो व वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।
प्रारंभिक समय में प्रशासनिक संसाधन मौके तक नहीं पहुंच सके तो ग्रामीणों ने रस्सियों और देसी जुगाड़ के सहारे खुद ही बचाव कार्य शुरू कर दिया। इस बीच वायरल वीडियो क्षेत्रीय विधायक राजेन्द्र मीना तक पहुंचे तो उन्होंने तत्काल गौ सेवकों की टीम व उपखंड अधिकारी अमित कुमार वर्मा को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। एसडीओ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार अक्षयप्रेम चेयरवाल को आदेश दिए, जिन्होंने पटवारी हल्का रायपुर चेतराम यादव, पटवारी हल्का कोट सुरज्ञान सिंह, भू-अभिलेख निरीक्षक नीरूबाई मीना, ग्राम विकास अधिकारी वर्षा भारद्धाज और पंचायत कनिष्ठ सहायक सुशील खंडेलवाल की टीम मौके पर भेजी।
इधर जानकारी मिलने पर, गौसेवा समिति रायपुर व मंडावर की टीम भी तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गई। मंडावर थाने से दो पुलिसकर्मी भी भी मौके पर पहुंचे और गो सेवकों युवकों की टीम प्रशासनिक टीम व ग्रामीणों के साथ मिलकर संयुक्त रूप से रेस्क्यू शुरू किया गया। रस्सियों व देशी जुगाड़ के सहारे बचावकर्मी कुओं में उतरे और कड़ी मेहनत के बाद दोनों गौवंशों को सकुशल बाहर निकाला गया। बाहर आते ही गौसेवा समिति रायपुर मंडावर की टीम ने तुरंत उपचार और मरहम-पट्टी कर दोनों नंदियों चारे पानी की व्यवस्था की।
गौवंशों के सुरक्षित बाहर आने पर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। इस दौरान ग्रामीणों सहित सभी ने विधायक राजेन्द्र मीना के त्वरित हस्तक्षेप और गौसेवा समिति रायपुर मंडावरकी जीव जंतुओं के साथ गौ माता की सेवा भावना की सराहना की। मौके पर प्रशासनिक अधिकारी, पुलिसकर्मी, गौ सेवा समिति रायपुर मंडावर पदाधिकारी गौ सेवक लोकेश मीणा व रवि मीणा सहित पूरी टीम वसैकड़ों ग्रामीणजन मौजूद रहे।
यह घटनाक्रम न केवल ग्रामीण जागरूकता और सामूहिक प्रयास का उदाहरण बना बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और खुले कुओं जैसी खामियों को भी उजागर कर गया। यदि समय पर सक्रियता और संयुक्त प्रयास न होते तो मासूम गौवंश कुओं में ही दम तोड़ देते।


