नरसिंह भगवान की मूर्ति स्थापना की 16 वीं वर्षगांठ पर कस्बे निकली शोभायात्रा में अद्भुत झांकियों ने मोहा मन
रामगढ़ (राधेश्याम गेरा) रामगढ़ कस्बे के अलवर-दिल्ली हाइवे रोड स्थित नरसिंह महाराज मंदिर पर बुधवार को श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। यहां मूर्ति स्थापना का 16वां वार्षिक समारोह बड़े ही धूमधाम से शुरू हुआ।दो सितंबर को रामायण पाठ तीन सितंबर को रामायण पाठ भोग उसके बाद दोपहर में निकाली गई भव्य कलश एवं शोभायात्रा में 501 कलशों के साथ सैकड़ों महिलाएं पारंपरिक परिधानों में शामिल हुईं। कलश यात्रा मंदिर से प्रारंभ होकर बहादुरपुर मोड़ तहसील रंगमंच, मुख्य बाजार, सब्जी मंडी से नोगांवा गोविंदगढ़ मोड़,बस स्टैंड होते हुए पुनः मंदिर परिसर लौटी।
यात्रा के दौरान मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। रिटायर्ड आर्मी जवान समाजसेवी जयराम मीणा ने अपने साथियों के साथ पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का अभिनंदन किया। शोभायात्रा में भगवान शिव-पार्वती, राधा-कृष्ण,राम दरबार, नरसिंह महाराज और भारत माता की आकर्षक झांकियों ने लोगों का मन मोह लिया। डीजे और भजनों की धुन पर महिलाएं व युवा झूमते नजर आए। इस दौरान पूरा रामगढ़ कस्बा नरसिंह भगवान के जयकारों से गूंज उठा। व्यवस्था बनाने के लिए रामगढ़ थाना पुलिस बल लगातार शोभायात्रा के साथ मौजूद रहा और भीड़ को व्यवस्थित कर आवागमन सुचारू रखा।
नरसिंह महाराज सेवा समिति अध्यक्ष रामकिशोर मेहरा ने बताया कि यह वार्षिक समारोह भलाई समाज की आस्था का प्रतीक है। कार्यक्रम की शुरुआत भव्य शोभायात्रा से हुई है। रात्रि में मंदिर परिसर में जागरण व भजन संध्या का आयोजन होगा, जिसमें बाहर से आए कलाकार भक्तिमय प्रस्तुतियां देंगे। वहीं गुरुवार को विशाल भंडारा होगा, जिसमें चौरासी गांवों के बलाई समाजजन शामिल होंगे। अनुमान है कि 15 हजार से अधिक श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करेंगे। रामगढ़ का यह आयोजन न केवल धार्मिक श्रद्धा का प्रतीक रहा बल्कि सामाजिक एकता और भक्ति का अद्भुत संगम बनकर यादगार बन गया। शोभायात्रा के दौरान रामकिशोर महरा, दीपचंद,रघुवरदयाल, दयाराम, चेतराम, देवकीनंदन, बाबूलाल, महेश, सुनील सहित समस्त कमेटी सदस्य मौजूद रहे


