सन्त दर्शन से मानव जीवन का उद्वार - बालकदास, टुण्डपुरा सन्त समागम में उमडा सैलाब
हलैना (विष्णु मित्तल) श्री गुरूमाया भक्त मण्डल एवं सिद्व पुरूष रंगली भगत के शिष्यों की ओर से गांव टुण्डपुरा स्थित श्री गुरूमाया आश्रम पर राष्ट्रीय सन्त बालकदास महाराज एवं साधू बाबा के सानिध्यं में 81वां सन्त समागम, पदगायन तथा श्रीराम यज्ञ की पूर्णाहुति का आयोजन हुआ, जिसमें देशभर के धार्मिक स्थलों के सन्तों सहित भारी सख्यां में श्रद्वालु शामिल हुए। समागम के मुख्य वक्ता सन्त बालकदास महाराज ने कहा कि सन्त दर्शन से मानव जीवन का उद्वार होता है और ईश्वर के धाम की प्राप्ति होती है। हमे सन्तों के कार्यक्रम में शामिल होकर उनके बताए मार्ग पर चल कर देश, समाज और परिवार की सेवा करती चाहिए साथ ही भूखे को भोजन, दुःखी इंसान व मूक बधिर प्राणियों की मदद करनी चाहिए, तभी मानव जीवन सफल होता है। आश्रम के सेवक परशराम भगत व सन्तोष बाबा ने बताया कि गुरूमाया आश्रम पर 22 सितम्बर से श्रीराम यज्ञ, प्रचवन, रामायण पाठ, सन्त दर्शन आदि कार्यक्रम जारी है, मंगलवार को सन्त समागम हुआ, जिसमें वृन्दावन, मथुरा, हरिद्वार, अयोध्या, पुष्कर, चित्रकूट, कामां, प्रयागराज, भरतपुर, गोवर्धन, जयपुर, बरसाना आदि धार्मिक स्थलों से भारी सख्यां में सन्त आए और भरतपुर, दौसा, अलवर, जयपुर, आगरा, मथुरा, डीग, सवाईमाधोपुर, ग्वालियर, करौली आदि स्थानों सहित आश्रम निकटवर्ती 30 से अधिक गांवों के भारी सख्यां में श्रद्वालु शामिल हुए। सन्त समाज ने गौवंश रक्षा, गौपालन, वन सम्प्रदा व मूक बधिर प्राणियो का संरक्षण, सन्त सेवा, मानव सेवा आदि संकल्प लेकर सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार करने का निर्णय लिया। इस अवसर पर हिण्डोन के काडू मीणा, सान्ता के लक्ष्मण मीणा, सन्तोष भगत, परशराम सेवक, साधू महाराज आदि ने सन्त समाज की सेवा की।