करवा चौथ व्रत10 अक्टूबर को:सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए रखेंगी निर्जला व्रत
लक्ष्मणगढ़ (अलवर) कमलेश जैन
करवा चौथ का व्रत 10 अक्टूबर को मनाया जाएगा। सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखेंगी शिव परिवार की पूजा करेंगी। पंडित योग शिक्षक लोकेश कुमार के अनुसार चतुर्थी तिथि 9 अक्टूबर की रात से शुरू होकर 10 अक्टूबर की रात तक रहेगी। चंद्रमा को अर्घ्य देने का विशेष महत्व है। छलनी से चंद्रमा और पति को देखना शुभ माना जाता है।
प्रतिवर्ष कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को सुहागिनों द्वारा करवा चौथ का व्रत रखने की पुरानी परंपरा रही है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस वर्ष यह व्रत दस अक्टूबर शुक्रवार को मनाया जाएगा। इस दिन सुहागिन अपने पति की सलामती और दीर्घायु होने की कामना के साथ दिन भर निर्जला उपवास रख माता पार्वती सहित पूरे शिव परिवार की आराधना करेगी।
इस व्रत में चंद्रमा का विशेष महत्व है। चंद्रोदय के पश्चात ही रात्रि के समय व्रत तोड़ा जाता है। व्रती पहले चंद्रमा को अर्घ्य प्रदान करेगी हैं। तत्पश्चात छलनी से चंद्रमा के साथ पति का चेहरा निहारती हैं।
चतुर्थी तिथि का आगमन नौ अक्टूबर गुरुवार की रात 2.49 ... , 10 अक्टूबर की रात 7.58 बजे के बाद चंद्रमा को अर्घ्य प्रदान किया जाएगा। महिलाएं इस दिन कठिन व्रत का पालन करती हैं ।
इस व्रत के अंत में महिलाएं चंद्रमा और अपने पति का प्रत्यक्ष दर्शन न कर छलनी से दर्शन करती हैं। मान्यता है कि छलनी में हजारों छेद होते हैं, जिससे चांद के छेदों की संख्या जितने प्रतिबिंब दिखते हैं। अब छलनी से पति को देखती हैं तो उनकी आयु भी उतनी गुणा बढ़ जाती है।