बाबू शोभाराम कॉलेज में छात्रा से छेड़छाड़ पर उबाल छात्रों का धरना, जिम्मेदारी से बचते दिखे कॉलेज प्रिंसिपल
अलवर (अनिल गुप्ता) अलवर शहर के शिवाजी पार्क थाना क्षेत्र स्थित बाबू शोभाराम कॉलेज में दो दिन पूर्व एक छात्रा के साथ हुई छेड़छाड़ और मारपीट की घटना ने कॉलेज परिसर में सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
इसी घटना के विरोध में आज बड़ी संख्या में छात्र कॉलेज गेट के बाहर जुटे और धरने पर बैठकर प्रशासन व कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ नाराज़गी जताई। सूचना मिलने पर पुलिस जाप्ता मौके पर पहुंचा और छात्रों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस द्वारा कार्यवाही का आश्वासन दिए जाने के बाद छात्रों ने जाम खोल दिया और धरना समाप्त कर दिया।
छात्र मोहित चौधरी ने बताया कि “दो दिन पहले जो घटना हुई, उसके विरोध में हम धरने पर बैठे थे। पुलिस ने निष्पक्ष र्कायवाही भरोसा दिया है। इसलिए हमने धरना खत्म किया है।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल कॉलेज प्रिंसिपल की भूमिका पर खड़ा हो गया है। जब मीडिया ने प्रिंसिपल अशोक आर्य से इस गंभीर मामले पर प्रतिक्रिया लेनी चाही तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह “छात्रों का मामला है, मैं कोई जानकारी नहीं दूंगा।” प्रिंसिपल का यह बयान न केवल चौंकाने वाला है, बल्कि कॉलेज प्रशासन की संवेदनहीनता को भी उजागर करता है।
जहां एक ओर छात्र सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं, वहीं कॉलेज प्रबंधन का इस तरह जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ना बड़ा प्रश्न खड़ा करता है कि आखिर छात्रों की सुरक्षा किसकी जिम्मेदारी है? बाबू शोभाराम कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे ये सवाल फिलहाल अनुत्तरित हैं, लेकिन घटना ने व्यवस्था में मौजूद खामियों को बेनकाब जरूर कर दिया है।

