जयप्रकाश राजनेता नहीं बल्कि एक विचारधारा थे – सीताराम गुप्ता
भरतपुर( विष्णु मित्तल)
भारत रत्न लोकनायक स्व. जयप्रकाश नारायण की 123 वीं जयंती नई दिल्ली के गांधी दर्शन सभागार में पूर्व केन्द्रीय मंत्री सत्यनारायण जटिया के मुख्य आतिथ्य एवं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राजकुमार भाटिया की अध्यक्षता में बनाई गई ! जिसमें विशिष्ट अतिथि के रूप में समृद्ध भारत अभियान के निदेशक सीताराम गुप्ता उपस्थित थे। कार्यक्रम में देश के ग्राम विकास, पॉलिसी रिसर्च स्वयं सेवी संगठनों के पदाधिकारी मौजूद थे। समृद्ध भारत अभियान के निदेशक सीताराम गुप्ता ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण राजनेता नही बल्कि एक विचारधारा थे। उन्होंने लोकतंत्र की मजबूती के एवं समृद्ध ग्रामीण विकास के लिए जो विचार दिये वे आज भी प्रासंगिक है। गुप्ता ने कहा कि कोरोना काल में देश को ग्रामीण महत्वता की उपयोगिता बता दी। गांवों के जो लोग देश के विभिन्न क्षेत्रों मे रोटी-रोजी के लिए पलायन कर गये और वापिस लौट कर ऐसे कार्य किये जो ग्रामीण विकास को नई दिशा दे सकते है। उन्होने बताया कि ग्रामीणों को वहां उपलब्ध संसाधनों के आधार पर कौशल प्रशिक्षण एवं आसान शर्तों पर ऋण मुहैया करा दिया जाये तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था समृद्ध होगी और युवाओं को पलायन भी रुक जायेगा। गुप्ता ने भरतपुर जिले में ग्रामीण विकास एवं उपलब्ध संसाधनों पर आधारित रोजगार के नये अवसरों की जानकारी देते हुए बताया क्षेत्र मे सर्वाधिक बोई जाने वाली सरसों की फसल पर आधारित शुरू कराये गये मधुमक्खी पालन का कार्य किसानों की अतिरिक्त आय का स्त्रोत बन गया। इतना ही भरतपुर सर्वाधिक शहद उत्पादक जिलों मे भी शुमार हो गया ! इसके अलावा डीग क्षेत्र की गुडगाँव कैनाल की आसपास की भूमि जो जल रिसाव के कारण खराब हो गई थी वहां नये तालाब खुदवा कर मछली पालन का कार्य शुरू कराया जिससे वहाँ मछली पालक खुशहाल हो गये है।निदेशक सीताराम गुप्ता ने कुम्हेर पंचायत समिति क्षेत्र का उदाहरण देते हुए बताया कि जहां सभी कार्यालय व संस्थान होने के कारण लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान हो रहा है ! इसी प्रकार ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की विस्तृत योजना तैयार कर लागू करनी होगी, साथ ही आंगनबाड़ी व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को मॉडल बनाना होगा। उन्होंने सुझाव दिया कि बड़े औद्योगिक घरानों को पूरा जिला तथा छोटे घरानों को ब्लॉक गोद लेकर सम्पूर्ण विकास की विचारधारा पर चल आर्थिक व सामाजिक विकास के कार्य कराने होगे। यदि ये सभी कार्य सुचारू रूप से सम्पादित होते है तो देश वर्ष 2047 से पहले विकसित भारत बन जायेगा।
कार्यक्रम में गांधी दर्शन समिति के उपाध्यक्ष विजय गोयल, कृष्णायन ग्वालियर के स्वामी ऋषभ आनंद, पॉलिसी रिसर्चर, डॉक्टर विनिता अग्रवाल, कर्नल संतोष कुमार सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों से आये स्वयं सेवी संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे।

