ओवरस्पीड, शराब पीकर ड्राइविंग, लाइसेंस होगा निलंबित
जयपुर (कमलेश जैन) राजस्थान में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सख्त रुख अपनाया है। पहले जोधपुर फिर जयपुर में भीषण हादसे के बाद सीएम भजनलाल शर्मा ने हाईलेवल मीटिंग की इस दौरान सीएम ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के लिए ठोस एक्शन प्लान तैयार किया जाए और लापरवाही पर किसी को बख्शा न जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वाहन चलाने वालों का लाइसेंस बार-बार नियम तोड़ने पर रद्द किया जाए। हाईवे के आसपास किए गए अतिक्रमण तुरंत हटाए जाएं। प्रदेश में अवैध कटों को बंद किया जाए और ओवरलोडिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
लापरवाही पर अधिकारियों के खिलाफ एक्शन -
मुख्यमंत्री ने कहा कि समय पर कार्रवाई नहीं करने वाले विभागीय अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत सख्त कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जो अधिकारी या डॉक्टर वाहन चलाने वालों की आंखों की जांच में लापरवाही बरतते हैं, उनके खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने परिवहन और पुलिस विभाग को निर्देश दिया कि भारी वाहनों के ड्राइवरों की विजुअल टेस्टिंग अनिवार्य रूप से की जाए।
बार-बार ओवरस्पीड पड़ेगी भारी -
मुख्यमंत्री ने परिवहन और पुलिस विभाग को सख्त निर्देश दिए कि जो चालक बार-बार ओवरस्पीड करते हैं या शराब पीकर वाहन चलाते हैं, उनका लाइसेंस तुरंत निलंबित किया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा अभियान के तहत पूरे प्रदेश में चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स को सुधारने का काम तेजी से किया जाए और राष्ट्रीय व राज्य राजमार्गों पर अवैध कट बंद किए जाएं।जयपुर-दिल्ली, जयपुर-अजमेर, जयपुर-कोटा और जयपुर-मुंबई हाईवे पर भी निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन मार्गों पर ओवरलोडिंग और ओवरस्पीडिंग के मामलों में ट्रांसपोर्ट कंपनियों की जिम्मेदारी तय की जाए और दोषी कंपनियों पर करवाई हो. मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्दियों में कोहरे की वजह से सड़क हादसे बढ़ने की संभावना रहती है। इसलिए सभी हाईवे पर रिफ्लेक्टर लगाने, सड़क की मरम्मत और किनारों की सफाई का कार्य तुरंत पूरा किया जाए। उन्होंने जिलों के अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि 15 नवंबर तक सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी कार्य पूरे कर लिए जाएं।
हाईवे किनारे अवैध ढाबों को हटाने का निर्देश -
भजनलाल शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के किनारे बने अवैध ढाबों, ट्रक की पार्किंग और दुकानों को तुरंत हटाया जाए। उन्होंने एनएचएआई और स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए कि दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर के किनारे बने सभी अवैध निर्माणों को हटाने की कार्रवाई तुरंत शुरू करें। मुख्यमंत्री ने चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि सड़क हादसों में घायल लोगों को लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस से तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की जाए।
नो एंट्री जोन में सख्त पाबंदी के आदेश -
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी नो एंट्री जोन में भारी वाहनों के प्रवेश पर सख्त पाबंदी हो। उन्होंने जयपुर पुलिस आयुक्त को रात के समय ट्रैफिक व्यवस्था को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि राजधानी में यातायात व्यवस्था को मजबूती देने के लिए पुलिस बल और संसाधन बढ़ाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले चालकों और उनकी कंपनियों दोनों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क हादसों में घायलों की मदद करने वाले आम नागरिकों को राज्य सरकार की ओर से सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिया कि ड्राइविंग लाइसेंस बनाते समय और नवीनीकरण के दौरान नियमों की जानकारी देना अनिवार्य किया जाए।