सिंधी समाज ने निकला आक्रोश मार्च, ज्ञापन सौंपा
खैरथल (हीरालाल भूरानी ) छत्तीसगढ़ के एक नेता द्वारा सिंधी समाज के इष्ट देवता के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर बुधवार को खैरथल में सिंधी समाज का आक्रोश फूट पड़ा। समाज के सैकड़ों पुरुषों और महिलाओं ने झूलेलाल मंदिर से विरोध जुलूस निकाला। जुलूस में हाथों में बैनर और नारे लिखी तख्तियां लिए लोग शामिल हुए। जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ रेलवे फाटक पहुंचा, जहां लोगों ने अमित बघेल का पुतला फूंका और कड़ी निंदा की। इसके बाद समाजजन जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और अतिरिक्त जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया कि छत्तीसगढ़ के नेता अमित बघेल ने सिंधी समाज के आराध्य देवता झूलेलाल जी के प्रति अमर्यादित और आपत्तिजनक टिप्पणी की है, जिससे देशभर में सिंधी समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। समाज ने मांग की कि अमित बघेल के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करने का साहस न करे। इस मौके पर समाज के वरिष्ठ ओमप्रकाश रोघा, हीरालाल भूरानी,मूलचंद मनमानी, पंकज रोघा, मन्त्रू रोघा, वासदेव दासवानी, पप्पू रामानी, नामदेव रामानी, चेलाराम रोघा, अर्जुन बाबानी, तुलसीदास भुरानी, अनिल इस्माइलपुर, बीजू सहित सैकड़ों की संख्या में समाज के पुरुष और महिलाएं मौजूद रहीं। जुलूस के दौरान 'जय झूलेलाल', 'धर्म का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान' जैसे नारे लगाए गए। समाज के लोगों ने कहा कि किसी भी धर्म या देवी-देवता का अपमान सहन नहीं होगा।