भरतपुर, (कौशलेंद्र दत्तात्रेय) राज्य सरकार के निर्देशानुसार वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026 के अंतर्गत जिलेभर में जल संरक्षण, स्वच्छता एवं जनजागरूकता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है। अभियान के तहत जिला प्रशासन, जल संसाधन विभाग, शिक्षा विभाग, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, भू-जल विभाग, उद्योग विभाग सहित विभिन्न विभागों द्वारा अभियान को सफल संचालन किया जा रहा है।
नोडल अधिकारी एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद मृदुल सिंह ने बताया कि अभियान के तहत जिले में आमजन सक्रिय सहभागिता निभाते हुए आयोजनों में उत्साहपूवर्क भाग ले रहें है। उन्होंने बताया कि अभियान के अंतर्गत आमजन की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए गैर-सरकारी संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थानों, जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न प्रोफेशनल समूहों को जोड़ा जाएगा। इस दौरान विचार गोष्ठियां, श्रमदान कार्यक्रम, पर्यावरण संरक्षण हेतु दौड़ तथा पर्यावरण संकल्प जैसी गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 4 जून को मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान 2.1 एव 2.2 के तहत कार्यो का अवलोकन एवं लोकार्पण, 2.2 एवं 3.3 के तहत नवीन कार्यों की स्वीकृति आदि कार्य किए जाएगें। बीज बैंकों में विभिन्न गतिविधियों का क्रियान्वयन तथा मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान 2.0 के तहत चुने गये गांवों में जल चौपाल आयोजित की जाएगी। जिला प्रशासन द्वारा जल एवं पर्यावरण संरक्षण की जागरूकता हेतु निबंध व नारा लेखन, चित्रकला, खेलकूद प्रतियोगिता एवं नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 5 जून को हरियालों राजस्थान की पूर्ण तैयारी कार्य, वन क्षेत्रों में जल संग्रहण स्थलों की साफ-सफाई, तुलसी के पौधों का वितरण, मनरेगा और वीबी जी राम जी योजना के तहत जल संरक्षण के कार्य शुरू करना, नर्सरियों में पौधों की ग्रेडिंग आदि कार्य किए जाएगें। इसी दिन नर्सरियों में विशेष स्वच्छता कार्यक्रम चलाया जाएगा जिनका प्रशासन द्वारा अवलोकन किया जाएगा। सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नही करने हेतु जागरूकता अभियान व शपथ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। अभियान का जिला स्तर पर समापन समारोह आयोजित किया जाएगा। वंदे गंगा जल सरंक्षण अभियान में सहयोग प्रदान करने वाले तथा जल संरक्षण एवं जन भागीदारी के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले भामाशाहों, संस्थाओं, पंचायतों, नगर निकायो, गैर सरकारी संस्थाओं, जल-योद्धाओं, पथ-प्रदर्शकों, जल उपयोगिता संगमों की पहचान कर जल गौरव सम्मान प्रदान किया जाएगा। सांस्कृतिक सांध्या आयोजन के साथ ही प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर एवं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अभियान के दौरान किए गए सभी कार्यों की जानकारी दी जाएगी।