भिवाड़ी-खैरथल पुलिस का 'ऑपरेशन म्यूल हंटर' सफल: 2 महीने में 116 साइबर ठग गिरफ्तार, करोड़ों की ठगी का भंडाफोड़
भिवाड़ी (देवराज मीणा) राजस्थान पुलिस के महानिदेशक साइबर क्राइम एवं महानिरीक्षक जयपुर रेंज राहुल प्रकाश IPS के निर्देश पर साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान "ऑपरेशन म्यूल हंटर" में भिवाड़ी-खैरथल पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 1 अप्रैल से 31 मई 2026 तक चले इस अभियान में पुलिस ने 60 प्रकरण दर्ज कर 116 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 161 मोबाइल, 181 सिम कार्ड, 7 एटीएम कार्ड, 5 चेक बुक, 3 पासबुक, 14,500 रुपये नकद और एक थार कार बरामद की गई है।
पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय IPS के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमन लाल मीणा, किशोर बुटालिया, वृताधिकारी कैलाश चौधरी, शिवराज सिंह, आरपीएस शीशराम मीणा, जया सिंह और लालसिंह के सुपरविजन में साइबर सेल भिवाड़ी व खैरथल-तिजारा की तकनीकी मदद से भिवाड़ी, चौपानकी, टपूकड़ा, शेखपुर अहीर, तिजारा, जैरोली, किशनगढ़ बास, कोटकासिम, खैरथल, तातारपुर थाना पुलिस ने साइबर अपराधियों के ठिकानों पर दबिश देकर कड़ी कार्रवाई की। जांच में सामने आया कि आरोपी आमजन के खाते किराए पर लेकर करोड़ों रुपये का लेन-देन कर रहे थे।
साइबर ठग फर्जी वेबसाइट, "घर बैठे जॉब", "पेन-पेंसिल पैकिंग", "इनकम टैक्स ऑफिसर बनकर ब्लैकमेलिंग", "सस्ते लैपटॉप" और टेलीग्राम-व्हाट्सएप पर "इन्वेस्टमेंट-टास्क" के नाम पर लोगों को ठग रहे थे। पुलिस ने बताया कि ठगों को बैंक खाते और सिम कार्ड की जरूरत होती है, जो ये दलालों के जरिए भोले-भाले लोगों को झांसा देकर, प्रलोभन देकर हासिल करते हैं। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि कोई भी व्यक्ति अपना बैंक खाता, सिम कार्ड, पासवर्ड या OTP किसी को न दे और किसी भी लालच में न आए। साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या http://cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।


