कठूमर में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान में बच्चों को पिलाई दो बूंद जिंदगी की
कठूमर/ दिनेश लेखी। राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत रविवार 23 नवंबर से 25 नवंबर 2025 तक संचालित इस अभियान में रविवार को खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर कुश कुमार सोलंकी पीएससी कलवाड़ी द्वारा पीएचसी कलवाड़ी, पीएचसी भनोखर, पीएचसी टिटपुरी क्षेत्र में पल्स पोलियो अभियान का निरीक्षण किया। डॉ कुश सोलंकी व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर अभियान की शुरुआत की।
डॉ कुश कुमार सोलंकी पीएचसी कालवाड़ी ने बताया कि ने बताया कि खेरली, अर्रूवा, सालवाडी, भनोखर, टिटपुरी आदि सब सेंटरो पर पहुंच कर अभियान की जानकारी ली। जिसमें शून्य से पाँच वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि कठूमर क्षेत्र को पूरी तरह पोलियो-मुक्त बनाए रखने के प्रयास और मजबूत हों।
कार्यवाहक बीसीएमएचओ डॉ कुश सोलंकी ने कहा कि पोलियो एक खतरनाक वायरस जनित रोग है, जो बच्चों में स्थायी विकलांगता का कारण बन सकता है। वर्षों की सतत मेहनत और राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे अभियानों के कारण देश में पोलियो पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा चुका है, लेकिन किसी भी संभावित जोखिम को समाप्त करने के लिए हर बच्चे तक पोलियो की बूंदें पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से सरकार साल में कई बार यह विशेष अभियान चलाती है।
आज से अभियान के तहत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं। साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर भी बच्चों को दवा पिलाने का काम करेंगी। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, बाजार सहित भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में मोबाइल टीमें सक्रिय रहेंगी, ताकि कोई भी बच्चा छूट न पाए।
राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान न केवल बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि भारत को स्थायी रूप से पोलियो-मुक्त रखने का संकल्प भी है। इस दौरान साथ में गजेंद्र सिंह सिंघल बीपीओ, सुभाष चंद्र शर्मा मौजूद थे।