तहसील क्षेत्र लक्ष्मणगढ़ में बसेंगे सरिस्का के विस्थापित गांव,मुआवजे में खेती-घर के लिए मिलेगी जमीन
लक्ष्मणगढ़( अलवर/कमलेश जैन) तहसील क्षेत्र के मुंडजोड़ी, हरसाना, बिचगांवा, तिलकपुर, बसेड़ी, नारनोल खुर्द की 229.26 हैक्टेयर की वन भूमि को अनारक्षित करवाकर बाघ परियोजना सरिस्का से विस्थापित होने वाले परिवारों के लिए जमीन का आवंटन किया जाएगा। उपवन संरक्षक विस्थापन सरिस्का बाघ परियोजना के जगदीश प्रसाद ने बताया कि सरिस्का वन क्षेत्र से जिन परिवारों को विस्थापित किया जाना है। उनके लिए लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र के वन भूमि में 229.26 हैक्टेयर जमीन का चयन करते हुए सरिस्का से विस्थापित परिवारों को स्थापित किया जाना है। प्रत्येक परिवार को 1.5 हैक्टेयर जमीन खेती के लिए व 90 बाई 60 का आवासीय भूखण्ड उपलब्ध करवाया जाएगा।
उपवन संरक्षक ने बताया कि केंद्र सरकार के वन मंत्रालय के आदेश के अनुसार अनारक्षित करवाई गई वन भूमि परिवारों के विस्थापन के बाद राजस्व भूमि के रूप में दर्ज कर खातेदारी के अधिकार दिए जाएंगे। उपवन संरक्षक ने तहसीलदार को इस संबंध में पत्र लिखा है। पत्र में उल्लेख है कि इन गांवों की प्रस्तावित भूमि की खसरा वार सूची भेजकर प्रस्तावित वन भूमि के कन्वर्जन के बाद इस पर विस्थापित करने वाले परिवारों को खातेदारी अधिकार दिए जाने में कोई आपत्ति नहीं है, के संबंध में रिपोर्ट भिजवाने को कहा है। जिससे प्रस्तावित वन भूमि को अनारक्षित करवाने में मदद मिल सके। तहसीलदार से एनओसी मिल जाने के बाद सरिस्का से विस्थापित परिवारों को शीघ्र ही लक्ष्मणगढ़ तहसील क्षेत्र में स्थापित किया जाएगा।