भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) कारवां जुटता गया और विश्व धरोहर पर्यटन स्थल केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान परिसर में साफ-सफाई के साथ प्लास्टिक कचरे को एकत्रित करते हुए स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। मौका था सुशासन सप्ताह एवं राज्य सरकार के कार्यकाल के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में बुधवार को पंच गौरव थीम पर सफाई अभियान का।
जिला कलक्टर कमर चौधरी ने प्लास्टिक युक्त उत्पादों के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्लास्टिक हमारे पर्यावरण, पक्षियों और वन्यजीवों के लिए अत्यंत हानिकारक है। इससे मृदा की गुणवत्ता प्रभावित होती है और प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को गंभीर नुकसान पहुंचता है। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक कचरा भरतपुर शहर के ड्रेनेज सिस्टम को भी प्रभावित करता है, जिससे जलभराव जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। उन्होंने आमजन से अपील की कि भरतपुर के पर्यटन स्थलों को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने में सभी अपनी नैतिक जिम्मेदारी निभाएं, ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटक अपने साथ भरतपुर को एक स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण के प्रति जागरूक शहर के रूप में पहचान लेकर जाएं।
इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिले के चयनित यूनेस्को विश्व धरोहर पर्यटन स्थल केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान परिसर में जिला प्रशासन के तत्वावधान में विशेष साफ-सफाई कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों तथा सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने श्रमदान में भागीदारी निभाई। केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में लगभग एक घंटे तक चले इस स्वच्छता अभियान में करीब 4 ट्रॉली प्लास्टिक, गीला एवं सूखा कचरा एकत्र किया गया। एकत्रित कचरे का नियमानुसार पृथक्करण कर निस्तारण किया गया, ताकि पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखा जा सके। अभियान का उद्देश्य न केवल परिसर की स्वच्छता सुनिश्चित करना था, बल्कि आमजन एवं पर्यटकों में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ाना रहा।
विशेष सफाई अभियान के दौरान कैवलादेव उद्यान के मुख्यद्वार से लेकर वाहन पार्किग स्थल तक राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे उद्यान की चारदिवारी तक फैले प्लास्टिक कचरे का एकत्रित कर नगर निगम के कचरा वाहनों में एकत्रित किया गया। खरपतवार एवं सुखी झाडियों को हटाकर अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने सामुहिक रूप से झाडू लगाई। सफाई अभियान में नगर निगम के 100 कार्मिकों ने हाथों में झाडू थामकर वाहन पार्किंग स्थल को साफ-सुथरा कर दिया।
किसी हाथ में झाडू तो किसी में तगारी-
विशेष सफाई अभियान में अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों में हाथों में झाडू, तगारी एवं प्लास्टिक कचरा एकत्रित करने दस्ताने पहनकर एक घंटे तक पसीना बहाया। आमजन ने भी सक्रिय भूमिका निभाते हुए साफ-सफाई में बढ-चढकर भाग लिया। विश्वप्रसिद्ध पर्यटक स्थल को प्लास्टिक कचरे से फ्री रखने का संकल्प लिया। इस अवसर पर डीएफओ चेतन कुमार बीवी, अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रशासन घनश्याम शर्मा, शहर राहुल सैनी, नगर निगम आयुक्त श्रवण विश्नोई, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र यादव, जिला अध्यक्ष शिवानी दायमा, संयुक्त निदेशक पर्यटन संजय जौहरी, उपायुक्त देवस्थान मुकेश मीना, अधिशाषी अभियंता चम्बल परियोजना एचके अग्रवाल, गिरधारी तिवारी, मनोज भरद्वाज, मोहन रारह, कुलदीप पोसवाल, गौरव सरपंच, डॉ. पचौरी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने इको-टूरिज्म और स्वच्छता के प्रति सामूहिक सहभागिता का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत किया।