घने कोहरे ने धीमी की वाहनों की रफ्तार, बढ़ते ठंढ़ से जनजीवन पर लगा विराम
लक्ष्मणगढ़ (अलवर/कमलेश जैन) हल्की ठंडी हवा चलने एवं घने कोहरे के चलते चौक चौराहे बाजारों में अलाव के सहारे लोग ठंड से निजात पा रहे हैं। नववर्ष के आगमन से पूर्व ही ठंढ़ ने अपना असर दिखाना प्रारंभ कर दिया है।सोमवार को तापमान में बडी गिरावट व घना कोहरा छाया रहा। हल्की ठंडी हवा के चलने दिन भर धूप नहीं निकलने से लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। सुबह से ही कोहरे के छाए रहने से सडकों पर आवाजाही भी काफी कम हो गयी। वाहन लाइट जलाकर सडकों पर दिनभर रेंगते रहे। सड़क पर बाइक एवं बड़े वाहन की रफ्तार कम हो गयी। वहीं सड़क पर चलना काफी खतरनाक हो गया। इसके बावजूद जहां कहीं लोगों ने खुद अलाव लगायी वहां लोग पहुंचकर ठंढ से राहत पाने का प्रयास करते रहे।
ठंड में राहत के आसार कम
मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल ठंड में राहत के आसार कम हैं, जिससे लोगों में चिंता बढ़ गई है। इस मौसम का सीधा प्रभाव बाजारों पर देखने को मिल रहा है। मुख्यालय का बाजार दोपहर तक लगभग सुनसान रहा।
दुकानदार नियत समय पर दुकानें खोल तो देते हैं, परंतु ग्राहक न के बराबर पहुंचते हैं। कई दुकानों पर व्यापारी हाथ सेंकते हुए इधर-उधर दे दिखाई दिए। दोपहर के बाद हल्की चहल-पहल जरूर शुरू हुई किंतु शाम ढलते ही शीतलहर फिर से प्रभावी होने से बाजारों में एक बार फिर सन्नाटा पसर गया ।
व्यापारियों का कहना है कि बिक्री में काफी गिरावट आई है और रोजमर्रा का कारोबार प्रभावित हो रहा है।ग्रामीण इलाके में भी हालात सामान्य नहीं हैं। ठंड और कोहरे की वजह से ग्रामीण सुबह घरों से बाहर निकलने में झिझक रहे हैं। जिससे आवश्यक सामानों के लिए बाजार में आने वाले लोगों की संख्या काफी कम हो गई है। इससे दुकानदारों की आय में गिरावट दर्ज की जा रही है। कुछ दुकानदारों ने दुकानों के बाहर अस्थायी अलाव भी जला रखा है।
स्वास्थ्य विभाग के खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ रूपेंद्र शर्मा का कहना है कि ऐसी ठंड में बुजुर्ग, बच्चे और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। बाहर निकलते समय सिर, गर्दन और हाथ पूरी तरह ढके रहने चाहिए तथा गर्म तरल पदार्थों का सेवन लाभदायक है।
लंबे समय तक ठंड में रहने से सर्दी-खांसी, दमा व निमोनिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। मौसम के इस रूख के कारण किसानों को भी चिंता सताने लगी है। यदि इसी तरह कोहरे का प्रकोप बना रहा तो सरसों और आलू की फसल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार लगातार कोहरे से फसलों में रोग फैलने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसी स्थिति में उत्पादन प्रभावित होने की संभावना है। लगातार बढ़ती ठंड और कोहरे ने आमजन के दैनिक जीवन में कठिनाई बढ़ा दी है। यदि मौसम का यही रुख जारी रहा तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण हो सकती है।