ओवरब्रिज निर्माण की 8 साल से कर रहे मांग, फिर भी नहीं हुई ठोस कार्रवाई; हर 10 मिनट में बंद फाटक के जाम ने शहर को किया ठप
खैरथल (हीरालाल भूरानी) खैरथल शहर का मुख्य रेलवे फाटक नंबर 93 वर्षों से 80 हजार से अधिक आबादी वाले शहर के लिए सबसे बड़ी यातायात बाधा बन चुका है। हर 10-15 मिनट में फाटक बंद होने, भारी ट्रकों व ट्रैक्टरों की आवाजाही और एमडीआर-25 रोड पर बढ़ते दबाव के कारण पूरा शहर दिनभर जाम में फंसा रहता है। इस फाटक ने अब खैरथल के लिए महज समस्या नहीं, बल्कि नासूर का रूप ले लिया है। गत आठ वर्षों से रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज निर्माण की मांग उठती रही है, लेकिन सर्वे और नपाई के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
शुक्रवार को रेलवे और पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों ने फाटक से झूलेलाल मंदिर तक नपाई की। नपाई की खबर से शहर में हलचल मच गई, लेकिन अधिकारियों की चुप्पी ने लोगों की बेचैनी बढ़ा दी। जाम और परेशानियांः शुक्रवार को शाम 5 बजे से 5:25 बजे के बीच फाटक तीन बार बंद हुआ पहले वंदे भारत एक्सप्रेस, फिर मालगाड़ी और अंत में सवारी ट्रेन के गुजरने से। सडक़ के दोनों ओर लंबी कतारें लगीं और लोग घंटों फंसे रहे। एम्बुलेंस, दमकल और आपात सेवाएं भी जाम में फंसी। व्यापारियों का कहना है कि लगातार लगने वाले जाम से ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है और शहर की आर्थिक गतिविधियां रुक रही है।
अस्पताल, एम्बुलेंस और अग्निशमन तक जाम में फंसेः-
रेलवे फाटक पर लगने वाले जाम का सबसे ज्यादा असर आपात सेवाओं पर पड़ रहा है। हरसोली रोड पर स्थित राजकीय सेटेलाइट अस्पताल, बड़े निजी अस्पताल और अग्निशमन केंद्र तक पहुंचने के लिए इसी फाटक से गुजरना पड़ता है। फाटक बंद होने पर एम्बुलेंस और दमकल वाहन जाम में फंस जाते हैं, जिससे मरीजों और आपात स्थितियों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।