हॉस्पिटल एक्सटेंशन के लिए 50 हजार वर्ग मीटर भूमि स्कीम-10 में से दी जाए, नगर निगम व बीडीए करे जनहित में कार्य - गुप्ता
भरतपुर( विष्णु मित्तल)| आर बी एम हॉस्पिटल के एक्सटेंशन के लिए स्कीम-10 में से 50 हजार वर्ग मीटर भूमि आरक्षित कर शीघ्र उपलब्ध कराई जाये साथ ही नगर निगम व भरतपुर विकास प्राधिकरण जनहित के कार्य करें जिससे शहर में अनावश्यक विवाद जैसी स्थिति न बने | इस सम्बन्ध में समृद्ध भारत अभियान के निदेशक सीताराम गुप्ता ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आग्रह किया है वे हॉस्पिटल एक्सटेंशन की भूमि व अन्य कार्यों की वजह से पैदा हुये विवादों को हल करने में हस्तक्षेप करें ताकि शहरवासियों के मन में हमारे मुख्यमंत्री की छवि कायम रह सके |
गुप्ता द्वारा लिखे गये पत्र में कहा है कि चिकित्सा संस्थानों का भवन निर्माण आगामी 30-40 वर्षों की आवश्यकता के अनुसार किया जाता है | वर्तमान में आर बी एम चिकित्सालय के पास भावी विस्तार के लिए अतिरिक्त भूमि मौजूद नहीं है केवल पास में स्कीम-10 की भूमि है | जहां पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान 25 हजार वर्ग मीटर जमीन हॉस्पिटल विस्तार के लिए आरक्षित की थी जो भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए कम है | ऐसी स्थिति में इसे 50 हजार वर्ग मीटर किया जाये | इस भूमि को शीघ्र मेडिकल कॉलेज को उपलब्ध कराई जाये | वहीं प्रशासन हॉस्पिटल विस्तार के लिए मेडिकल कॉलेज के पास 19 हजार वर्ग मीटर आवंटित करने जा रहे हैं जबकि एस ई जेड में पहले से 31 हजार वर्ग मीटर भूमि मौजूद है |
निदेशक ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में बताया कि भरतपुर विकास प्राधिकरण एंव नगर निगम ने करीब एक हजार करोड़ का ऋण ले रखा है लेकिन दूरगामी सोच के अभाव व बद इन्तजामी के कारण विकास धरातल पर नजर नहीं आ रहा बल्कि शहरवासियों के लिए समस्या का कारण बनता जा रहा है | शहर की स्कीम-13 अनियमितताओं व कुप्रबंध की भेंट चढ़ चुकी है | सीवरेज, नाला निर्माण, ओवर ब्रिज के नाम पर खोदी गई सड़कें आमजन के आवागमन में बाधा बनी हुई है | उन्होंने पत्र में यह भी कहा है कि ग्रामीण हाट को तोड़ कर वहां पार्किंग स्थल बनाने का जो प्रस्ताव है वह उन गरीब लोगो के पेट पर लात मारना जैसा है जो अपने हुनर से तैयार उत्पादों का यहाँ विक्रय कर रोटी रोजी कमाते रहे हैं | यदि यही स्थिति रही तो प्रशासन के विरुद्ध जन आन्दोलन चल सकता है |

