सशक्त आंगनबाड़ी, सुपोषित बचपन को लेकर बाल विकास परियोजना कुम्हेर में प्रेरणा अभियान 2.0 पर कार्य प्रारंभ

Jan 24, 2026 - 13:15
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सशक्त आंगनबाड़ी, सुपोषित बचपन को लेकर बाल विकास परियोजना कुम्हेर में प्रेरणा अभियान 2.0 पर कार्य प्रारंभ

कुम्हेर (विष्णु मित्तल) महिला एवं बाल विकास विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा प्रदेश भर में 19 जनवरी 2026 से 19 फरवरी 2026 तक एक माह का विशेष राज्यव्यापी प्रेरणा अभियान 2.0 संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में बाल विकास परियोजना कुम्हेर अंतर्गत अभियान का विधिवत एवं व्यापक स्तर पर कार्य प्रारंभ किया गया है। इस अभियान का मूल उद्देश्य आंगनबाड़ी सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाना तथा बच्चों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं समग्र विकास को सुनिश्चित करना है।

अभियान की थीम "सशक्त आंगनबाड़ी, सुपोषित बचपन" के अनुरूप विभाग द्वारा जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्ययोजना तैयार की गई है, ताकि समाज के अंतिम छोर पर खड़े लाभार्थियों तक योजनाओं का वास्तविक लाभ पहुँचाया जा सके।

अभियान के अंतर्गत निर्धारित मुख्य फोकस एरिया 
डिजिटल पंजीकरण के तहत शत-प्रतिशत सर्वेक्षण के माध्यम से गर्भवती महिलाओं, धात्री महिलाओं एवं 0 से 6 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों का पंजीकरण सुनिश्चित करते हुए पोषण ट्रैकर एप पर उनकी ऑनलाइन प्रविष्टि की जावेगी,  प्रत्येक बच्चे का सही वजन तथा लंबाई/ऊंचाई मापन कर उनके पोषण स्तर की नियमित निगरानी एवं समय पर आवश्यक हस्तक्षेप।
3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की आंगनबाड़ी केंद्रों पर नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कर खेल-आधारित एवं गतिविधि-आधारित गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा प्रदान की जाएगी, 
पात्र लाभार्थियों के APAAR ID एवं ABHA ID का निर्माण कर उन्हें शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं से डिजिटल रूप से जोडा जायेगा,

अभियान के सफल एवं प्रभावी क्रियान्वयन हेतु महिला पर्यवेक्षकों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इनमें गर्भवती महिलाओं एवं 0-6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों का पूर्ण सर्वेक्षण, ‘अम्मा कार्यक्रम’ के अंतर्गत कुपोषित बच्चों (SAM/MAM) की पहचान कर उनके उपचार एवं प्रबंधन की समुचित व्यवस्था, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY 2.0) के अंतर्गत सभी पात्र महिलाओं को समयबद्ध रूप से लाभान्वित करना शामिल है।

इसके अतिरिक्त जीवन के प्रथम 1000 दिनों (गर्भावस्था से लेकर बच्चे के दो वर्ष की आयु तक) के महत्व को लेकर गृह भ्रमण एवं सामुदायिक संपर्क के माध्यम से व्यापक जन-जागरूकता गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों की आधारभूत सुविधाओं जैसे भवन, पेयजल, शौचालय, बिजली, फर्नीचर आदि की अद्यतन जानकारी पोषण ट्रैकर पर दर्ज की जा रही है।

बाल विकास परियोजना अधिकारी कुम्हेर  महेन्द्र अवस्थी ने बताया कि प्रेरणा अभियान 2.0 केवल एक विभागीय अभियान नहीं, बल्कि भावी पीढ़ी को स्वस्थ, सशक्त एवं सुपोषित बनाने की दिशा में एक ठोस और दूरदर्शी पहल है। उन्होंने कहा कि सभी महिला पर्यवेक्षक एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पूरी निष्ठा एवं प्रतिबद्धता के साथ अभियान के लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करें।

उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित विभागों, जनप्रतिनिधियों एवं समुदाय के सहयोग से इस अभियान को जन-आंदोलन का रूप दिया जाएगा, ताकि समाज में पोषण, स्वास्थ्य एवं प्रारंभिक शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार हो सके।

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