स्कीम-10 की भूमि आवंटन का मुद्दा; आरबीएम हॉस्पिटल को भूमि नहीं मिली तो होगा व्यापक जन आंदोलन
—जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों एवं स्वयंसेवी संगठनों की सर्वदलीय बैठक में लिया ऐतिहासिक निर्णय
भरतपुर (विष्णु मित्तल) भरतपुर विकास प्राधिकरण द्वारा स्कीम-10 की भूमि में से आर बी एम हॉस्पिटल के विस्तार हेतु आवश्यक भूमि आवंटित न किए जाने के विरोध में जन आक्रोश तेज होता जा रहा है। इसी क्रम में भरतपुर शहर में जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों एवं विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों के पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पूर्व सांसद पं. राम किशन ने की।
बैठक में भरतपुर विधायक डॉ. सुभाष गर्ग, समृद्ध भारत अभियान के निदेशक सीताराम गुप्ता, अग्रवाल समाज से अतुल मित्तल, ब्राह्मण समाज से केदारनाथ पाराशर, जाट समाज से मोहकम सिंह, खण्डेलवाल समाज के सुरेश मेठी सहित शहर के विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं समाजों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि यदि आर बी एम हॉस्पिटल के विस्तार हेतु स्कीम-10 की भूमि शीघ्र आवंटित नहीं की गई, तो जनता के सहयोग से एक व्यापक, शांतिपूर्ण एवं संगठित जन आंदोलन प्रारंभ किया जाएगा। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति, संगठन अथवा राजनीतिक दल का नहीं होगा, बल्कि यह भरतपुर की आम जनता का आंदोलन होगा, जिन्हें अपने परिवार, बच्चों एवं आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य की चिंता है।
वक्ताओं ने कहा कि भरतपुर विकास प्राधिकरण द्वारा स्कीम-10 की भूमि को बेचकर केवल राजस्व अर्जन करना विकास नहीं कहा जा सकता। वास्तविक विकास वही है जिसमें आमजन के जीवन से सीधे जुड़ी स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, सुविधाओं की उपलब्धता और सामाजिक दायित्वों को प्राथमिकता दी जाए। आर बी एम हॉस्पिटल भरतपुर एवं आसपास के जिलों की लाखों की आबादी के लिए जीवनरेखा है, ऐसे में उसके विस्तार को रोकना जनहित के विरुद्ध है।
बैठक में आंदोलन को सुनियोजित, अनुशासित एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से संयुक्त संघर्ष समिति के गठन का भी सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। यह समिति प्रशासन से संवाद स्थापित करने, ज्ञापन सौंपने, जन-जागरूकता अभियान चलाने तथा आंदोलन की विस्तृत रूपरेखा तैयार करने का कार्य करेगी।
इसके साथ ही यह भी तय किया गया कि समिति का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिल कर उन्हें आर बी एम हॉस्पिटल हेतु भूमि आवंटन की आवश्यकता, उसकी उपयोगिता एवं जनभावनाओं से अवगत कराएगा। बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि शहर के विकास से संबंधित सभी योजनाओं, प्रस्तावों, कार्यों एवं प्रशासनिक निर्णयों की विस्तृत जानकारी एकत्रित कर तथ्यों एवं आंकड़ों के साथ प्रशासन और सरकार के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।
बैठक में विशेष रूप से यह बात रेखांकित की गई कि जिला प्रशासन में हाल के वर्षों में पदस्थापित अधिकारियों को शहर के वरिष्ठ नागरिकों, अनुभवी समाजसेवियों एवं भरतपुर के इतिहास व जरूरतों से परिचित प्रबुद्धजनों से निरंतर संवाद कर दीर्घकालीन और जनहितकारी विकास योजनाएं तैयार करनी चाहिए, जिससे प्रशासन को स्थानीय अनुभवों और सामाजिक दृष्टिकोण का लाभ मिल सके।