बड़ौदामेव में सरसों की 'सुनामी': सड़कों पर ट्रैक्टरों का कब्जा, बुधवार को नीलामी बंद, व्यापार मंडल ने लिया फैसला
बड़ौदामेव की कृषि उपज मंडी में इन दिनों सरसों की बंपर आवक से व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं। प्रतिदिन लगभग 9,000 कट्टे सरसों की आवक हो रही है, जिससे मंडी प्रशासन को भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि अलवर-भरतपुर सड़क मार्ग पर भी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतारें लग गई हैं।
इस अव्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए व्यापार मंडल ने बुधवार को मंडी में नीलामी बंद रखने का निर्णय लिया है। मंडी में सरसों का भाव 6,000 रुपए से 6,500 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 500-700 रुपए अधिक है।
- मंडी में सरसों की भारी आवक देखी गई, मंडी परिसर में जगह की कमी
मंडी अध्यक्ष चिरंजीलाल चौधरी ने बताया कि मंडी परिसर में जगह की भारी कमी है, बाइक पार्किंग की स्थायी सुविधा न होने से व्यापार प्रभावित हो रहा है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि पार्किंग की उचित व्यवस्था और नई मंडी के विस्तार पर जल्द काम शुरू नहीं हुआ, तो मंडी को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने जैसा कठोर कदम उठाना पड़ सकता है।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंडी प्रशासन ने किसानों के लिए नए नियम लागू किए हैं। अब किसान अपना माल दोपहर 12:30 बजे तक ही मंडी ला सकेंगे। दोपहर 1:00 बजे मुख्य गेट बंद कर दिया जाएगा।
- माल की लोडिंग-अनलोडिंग व्यापारी अपने फड़ पर ही करें
माल की लोडिंग-अनलोडिंग व्यापारियों को अपने-अपने फड़ पर ही करानी होगी। इसके अतिरिक्त, ग्रेडिंग मशीनों को मंडी परिसर के बजाय निजी जमीन पर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
व्यापारी विष्णु खंडेलवाल ने बताया कि इस बार क्षेत्र में सरसों की पैदावार शानदार रही है। जहां एक ओर किसान अच्छे दाम पाकर खुश हैं, वहीं दूसरी ओर मंडी में जगह की कमी और बुनियादी सुविधाओं के अभाव से व्यापारी और किसान दोनों परेशान हैं।