5 साल पुराने अफीम तस्करी के मामले में NDPS कोर्ट का फैसला, दो तस्करों को 2-2 साल की जेल
भीलवाड़ा / राजस्थान
भीलवाड़ा की एनडीपीएस (NDPS) कोर्ट ने अफीम तस्करी के एक पुराने मामले में कड़ा फैसला सुनाते हुए दो आरोपियों को दो-दो साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। विशिष्ट न्यायाधीश जगदीश प्रसाद शर्मा ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए उन पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
नाकाबंदी के दौरान पकड़ी गई थी कार
विशिष्ट लोक अभियोजक रामस्वरूप गुर्जर ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह घटना 1 अप्रैल 2019 की है। तत्कालीन करेड़ा थाना अधिकारी बिहारी लाल अपनी टीम के साथ भीलवाड़ा-करेड़ा रोड पर गश्त कर रहे थे। अमरपुरा चौराहे पर नाकाबंदी के दौरान एक संदिग्ध कार को रुकवाया गया। कार में दो व्यक्ति सवार थे, जिनकी पहचान प्रेमचंद गुर्जर (निवासी रायपुर) और सुरेश लाल गुर्जर (निवासी आसींद) के रूप में हुई।
तलाशी में मिली 700 ग्राम अफीम
पुलिस टीम ने जब कार की गहनता से तलाशी ली, तो उसमें से 700 ग्राम अवैध अफीम बरामद हुई। पुलिस ने मौके पर ही एनडीपीएस एक्ट के तहत मादक पदार्थ और कार को जब्त कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। मामले की जांच के बाद पुलिस ने न्यायालय में चालान पेश किया।
अभियोजन ने पेश किए पुख्ता सबूत
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ अपराध सिद्ध करने के लिए कड़ी मेहनत की। कोर्ट के समक्ष कुल:
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8 गवाहों के बयान दर्ज करवाए गए।
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47 महत्वपूर्ण दस्तावेज (साक्ष्य) पेश किए गए।
न्यायालय ने इन साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर प्रेमचंद और सुरेश को मादक पदार्थ तस्करी का दोषी माना और सजा मुकर्रर की। जुर्माना राशि जमा न करने पर दोषियों को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।