प्रेस वार्ता कर केंद्रीय विधालय दलालपुरा ले जाने का विरोध
राजगढ़ (अलवर/ अनिल गुप्ता) राजगढ़ आवाज मंच की ओर से कस्बे के गोल सर्किल के समीप प्रेस वार्ता कर केंद्रीय विधालय को दलालपुरा ले जाने पर आक्रोश जाहिर कर आंदोलन की चेतावनी दी। इस दौरान राजगढ़ आवाज मंच के संयोजक एडवोकेट मुकेश जैमन ने कहा कि भाजपा नेता बन्नाराम मीना का वीडियो वायरल हो रहा हैं। उसमें उन्होंने कहा कि केन्द्रीय विद्यालय का 29 मार्च को रैणी क्षेत्र के दलालपुरा गांव में भूमि पूजन करने जा रहे हैं। इस वीडियो के वायरल होने पर जैमन ने कहा कि राजगढ़ में केन्द्रीय विद्यालय स्वीकृत हुआ था। उसे दलालपुरा गांव में ले जाए जाने के विरोध में राजगढ़ उपखण्ड क्षेत्र के 125 गांवों की जनता सड़कों पर उतरी तथा आठ दिन राजगढ़ कस्बे के बाजार पूरी तरह से बंद रहे तथा जनता ने आंदोलन किया और मांग की कि हमारा हक हैं कि केन्द्रीय विद्यालय राजगढ़ में ही खोला जाए। उसके बाद वन मंत्री संजय शर्मा राजगढ़ आए और उन्होेंने आश्वासन दिया कि एक माह में ही राजगढ़ में भूमि का चयन करके केवीएस राजगढ़ में ही खोला जाएगा।
इस पर हम पूरी तरह से आश्वस्त थे। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव से उचित माध्यम से वार्ता चल रही थी। इस पर हम आश्वस्त थे कि राजगढ़ में ही केन्द्रीय विद्यालय खोला जाएगा। इसी बीच भाजपा नेता बन्नाराम मीना ने अपने विश्वस्त व्यक्ति के माध्यम से मुझसे सम्पर्क किया और 9 फरवरी को व्यक्तिगत मुलाकात करके कहा कि नगरपालिका क्षेत्र में केवीएस के लिए फरवरी माह के अंदर-अंदर भूमि का आवंटन हम कर देगें और फरवरी माह में ही केन्द्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव से भूमि पूजन करा देगे। इस पर हम पूरी तरह से आश्वस्त थे कि राजगढ़ में ही निश्चित रूप से केन्द्रीय विद्यालय खोला जाएगा। राजगढ़ की जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए राजगढ़ में ही केन्द्रीय विद्यालय खोला जाएगा। लेकिन अब राजगढ़ की जनता अपने आप को ठगा महसूस कर रही हैं। यह व्यक्तिगत स्वार्थों के चलते राजगढ़ की जनता की भावनाओं की बली चढ़ाई जा रही हैं। यह राजगढ़ की जनता का अभिशाप हैं जो इन्हें कहीं का भी नहीं छोडे़गा। राजगढ़ की जनता निश्चित रूप से अपने हक की लड़ाई को निरन्तर जारी रखेगी। 31 दिसम्बर को आश्वासन के बाद आंदोलन को स्थगित किया गया था उस दिन भी बात हुई थी कि हमारे हक की लड़ाई हैं मांग पूरी होने तक जारी रहेगी। राजगढ़ की जनता आज भी एकजुट हैं, एक मत हैं कि हमें हमारा हक मिलना चाहिए, हमारी लड़ाई जारी रहेगी।