बग्गी में राजसी ठाठ-बाट के साथ निकली गणगौर की शाही सवारी, उमड़ा जनसैलाब
मकराना (मोहम्मद शहजाद)। शहर में गणगौर का पर्व हर्षोल्लास और पारंपरिक श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर माता गणगौर की भव्य शाही सवारी विजय पैलेस से निकाली गई, जिसने मारवाड़ी संस्कृति और लोक परंपराओं की जीवंत छटा बिखेर दी। सवारी का मुख्य आकर्षण फूलों और रंगीन लाइटों से सजी भव्य बग्गी रही, जिसमें माता गणगौर की प्रतिमा को विराजमान किया गया।
शाही अंदाज में निकली इस सवारी को देखने के लिए शहर के मुख्य मार्गों पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। ढोल-नगाड़ों की थाप और मंगल गीतों के साथ जब सवारी रवाना हुई, तो पूरा वातावरण उत्सव के रंग में सराबोर हो गया। सवारी शहर के प्रमुख बाजारों और चौराहों से होकर गुजरी, जहाँ स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर माता का स्वागत किया। मुख्य मेला शहर के झालरा तालाब में भरा गया जहाँ विशेष पूजा अर्चना कि गयी।
इस दौरान पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने मंगल गीत गाए और ईसर-गणगौर की पूजा-अर्चना कर खुशहाली की कामना की। आयोजन के दौरान सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम रहे। सवारी में शामिल युवाओं और बुजुर्गों का उत्साह देखते ही बनता था। स्थानीय लोगों के अनुसार, मकराना में गणगौर की यह सवारी वर्षों पुरानी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का एक माध्यम है, जो हर साल और भी भव्य रूप लेती जा रही है। सवारी के दौरान कुंवर सूर्यवीर सिंह चौहान, सुरेश सिंह चौहान, शक्ति सिंह चौहान, महेश पुजारी, विष्णु झंवर, दिलीप सारस्वत, ठाकुर मोहन सिंह चौहान, नन्द सिंह चौहान, विष्णु सिंह चौहान, रविन्द्र सिंह चौहान सहित शहर के गणमान्य नागरिक साथ थे।