"बेटी हुई है": पाली के हाइवे पर दिखा अनूठा जश्न, बदलते भारत की तस्वीर पेश कर रहा सीरवी परिवार
पाली, (बरकत खान) राजस्थान के पाली जिले से खुशियों और सामाजिक बदलाव की एक बेहद खूबसूरत तस्वीर सामने आई है। जहाँ आमतौर पर समाज में बेटे के जन्म पर भव्य आयोजनों की परंपरा रही है, वहीं पाली के डिंगाई गांव निवासी एक परिवार ने अपनी लाडली के आगमन को ऐतिहासिक बना दिया। पाली-सुमेरपुर हाईवे पर जब एक खास अंदाज में सजी कार गुजरी, तो हर कोई उसे देखता रह गया।
- फूलों और गुब्बारों से सजी ‘खुशियों की सवारी’
डिंगाई निवासी कानाराम सीरवी और उनकी पत्नी कोमल सीरवी के घर नन्ही परी का जन्म हुआ। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद जब बेटी पहली बार अपने घर (डिंगाई) आ रही थी, तो परिवार ने इसे किसी उत्सव की तरह मनाया।
कार को गुलाबी और सफेद गुब्बारों से बेहद आकर्षक ढंग से सजाया गया था। कार के पिछले हिस्से पर गर्व के साथ बड़े अक्षरों में लिखा था— "बेटी हुई है"।
- सोशल मीडिया पर छाया वीडियो
हाईवे पर चलती इस सजावटी कार ने राहगीरों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। इस अनूठे नजारे को देखकर लोग न केवल मुस्कुराए, बल्कि कई लोगों ने अपने मोबाइल में इस पल को कैद कर सोशल मीडिया पर साझा किया। देखते ही देखते यह वीडियो वायरल हो गया और लोग सीरवी परिवार की इस सोच की जमकर सराहना कर रहे हैं।
- बदलते समाज का सकारात्मक संदेश
आज के दौर में, जहाँ बेटियों को सशक्त बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं, डिंगाई के इस परिवार ने एक मिसाल पेश की है। यह घटना समाज को यह संदेश देती है कि बेटियां घर की लक्ष्मी और गर्व का प्रतीक हैं। परिवार के इस कदम ने यह साबित कर दिया कि "देश बदल रहा है और सोच बदल रही है।"
इस प्रेरक पहल ने न केवल डिंगाई गांव बल्कि पूरे जिले में चर्चा का विषय बना दिया है, जो कन्या जन्मोत्सव को समाज में एक नई पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।


