मानव जीवन का हर क्षण इंसानियत और भक्ति में हो समर्पित; श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए मनाया प्रेरणा दिवस समर्पण दिवस संत समागम
खैरथल (हीरालाल भूरानी )बुधवार रात्रि को अलवर निरंकारी सत्संग भवन पर निरंकारी बाबा हरदेव सिंह जी की शिक्षाओं को याद करते हुए समर्पण दिवस संत समागम जिला संयोजक सोमनाथ निरंकारी की अध्यक्षता में मनाया गया
इस अवसर पर अपार श्रद्धालु भाई बहनों को संबोधित करते हुए सोमनाथ निरंकारी ने सतगुरु बाबा हरदेव सिंह जी महाराज का कहना एक को जानो एक को मानो और एक हो जाओ और दीवार रहित संसार की स्थापना करने में उनसे प्रेरणा लेते हुए प्रेम करुणा दया सहनशीलता आपसी भाईचारा की भावना को स्थापित करें ।
आगे श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए सोमनाथ निरंकारी ने कहा की बाबा हरदेव सिंह जी महाराज ने प्रेम करुणा दया एवं सहनशीलता को आधार बनाकर समाज को जो नई दिशा प्रदान की उनके प्रेरणादायी जीवन निस्वार्थ सेवा विनम्रता मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है उनके लिए सच्चा समर्पण वास्तव में तभी साकार होगा जब हम उनके बताएं मार्ग पर चलकर अपने जीवन में परिवर्तन लाएं । इस अवसर पर अपार श्रद्धालु भाई बहनों ने बड़ी श्रद्धा पूर्वक अपने गीतों विचारों कविताओं द्वारा बाबा हरदेव सिंह जी को अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए
श्रद्धा भक्ति एवं आध्यात्मिक चेतना से परिपूर्ण दिव्य वातावरण में संत निरंकारी मिशन द्वारा योग दृष्ट बाबा हरदेव सिंह जी की स्मृति में संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल समालखा में परम श्रद्धा सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजापिता अमित जी के सानिध्य में भावपूर्ण संत समागम का आयोजन हुआ ।
इस अवसर पर सतगुरु माता दीक्षा जी महाराज ने अपने आशीर्वचनों में फरमाया की बाबा जी का संपूर्ण जीवन मानवता सेवा और प्रेम भक्ति के दिव्या उदाहरण रहा उन्होंने प्रेरित किया कि मानव जीवन का प्रत्येक क्षण सार्थक बने और हर पल इंसानियत करुणा एवं मानवीय मूल्य का प्रमाण प्रस्तुत करें ।
सतगुरु माता जी ने समझाया कि ब्रह्म ज्ञान प्राप्त होने के पश्चात जीवन केवल व्यक्तिगत सीमाओं तक नहीं रहता बल्कि समस्त मानव की सेवा कल्याण और उत्थान का माध्यम बन जाता है सच्ची सेवा दिखावे से परे प्रेम विनम्रता और निस्वार्थ से परिपूर्ण होती है ।
अंत में सतगुरु माता जी ने आशीर्वाद दिया कि प्रत्येक जीवन सेवा सुमिरन और सत्संग को अपनी प्राथमिकता बनाए तथा हर हृदय निरंकार में समर्पित होकर प्रेम शांति और मानवता बांटने का सशक्त माध्यम बने ।


