पति के पदचिह्नों पर चलीं पुष्पलता जैन: मृत्यु उपरांत पार्थिव देह मेडिकल कॉलेज को समर्पित, देहदान की अनोखी मिसाल
भीलवाड़ा (बृजेश शर्मा) कावाखेड़ा निवासी स्वर्गीय पुष्पलता जैन ने जीवन के अंतिम पड़ाव पर भी समाजसेवा और मानवता का सर्वोच्च उदाहरण प्रस्तुत किया। उनके असामयिक निधन के बाद परिवार ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए पार्थिव देह मेडिकल कॉलेज, भीलवाड़ा को दान कर दी। यह कदम न केवल सामाजिक चेतना का प्रतीक है, बल्कि देहदान जैसे महादान को बढ़ावा देने वाला एक प्रेरणादायी संदेश भी है।
श्री महावीर युवक मंडल सेवा संस्थान के सहयोग से स्वर्गीय पुष्पलता जैन ने जीवनकाल में ही आर.वी.आर.एस./अनाटॉमी विभाग, मेडिकल कॉलेज में देहदान हेतु पंजीकरण कराया था। आज उनके निधन के बाद परिवारजन एवं संस्थान के सदस्यों ने पूर्ण विधि-विधान के साथ उनके पार्थिव शरीर को मेडिकल कॉलेज को सुपुर्द किया।
संस्थान से जुड़े मनीष बम्ब ने बताया कि यह परिवार पहले भी समाज के लिए मिसाल रहा है। लगभग चार वर्ष पूर्व पुष्पलता जैन के पति, स्वर्गीय दिलीप सिंह जैन ने भी अपनी देह मेडिकल शिक्षा के लिए समर्पित की थी। पत्नी द्वारा उसी मार्ग का अनुसरण करना समाज में जागरूकता और त्याग की अनूठी परंपरा को मजबूत करता है।
देहदान से मेडिकल विद्यार्थियों को अध्ययन एवं शोध में अपार सहायता मिलती है। इस महती योगदान से भविष्य के बेहतर चिकित्सकों का निर्माण होता है और चिकित्सा विज्ञान को उन्नति की दिशा में महत्वपूर्ण आधार मिलता है।
इस अवसर पर उपस्थित परिवारजनों और संस्थान सदस्यों ने पुष्पलता जैन को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका निर्णय समाज को नई दिशा देने वाला और अनेक लोगों के लिए प्रेरणास्रोत साबित होगा। देहदान जैसे पुनीत कार्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में उनके इस कदम की भूमिका सदैव याद रखी जाएगी।