हनुमानजी का चरित्र आधुनिक जीवन प्रबंधन के लिए सर्वश्रेष्ठ मार्गदर्शिका: विपिनचन्द्र — 'वर्तमान में हनुमान' पुस्तक पर परिचर्चा सत्र का हुआ आयोजन
भीलवाड़ा (राजकुमार गोयल)। उपनगर पुर में हनुमान जन्मोत्सव की पूर्व संध्या पर अखिल भारतीय साहित्य परिषद के तत्वावधान में ऐमर्स लाइब्रेरी पर 'वर्तमान में हनुमान' पुस्तक पर एक विशेष परिचर्चा सत्र का आयोजन किया गया। यह पुस्तक पुर के ही युवा लेखक चन्द्रेश टेलर द्वारा रचित है, जिसका विमोचन पूर्व में बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री द्वारा किया गया था।
आध्यात्मिकता और आधुनिकता का संगम परिचर्चा में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित अखिल भारतीय साहित्य परिषद के प्रदेश संगठन मंत्री विपिनचन्द्र ने कहा कि यह पुस्तक आध्यात्मिकता और आधुनिकता का श्रेष्ठ संगम है। उन्होंने बताया कि हनुमानजी के कार्य और व्यवहार से युवाओं को व्यक्तित्व विकास और जीवन प्रबंधन सीखने की आवश्यकता है।
युवा पीढ़ी के लिए प्रासंगिक कृति लेखक चन्द्रेश टेलर ने अपनी रचना के विभिन्न पहलुओं, परिकल्पना और प्रकाशन यात्रा को साझा किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार हनुमानजी का व्यक्तित्व आज के युवाओं, व्यवसायियों और पेशेवर लोगों के लिए प्रेरणादायी है। कार्यक्रम में कमलेश प्रजापत, जितेन्द्र विश्नोई, गोपाल माली और मोना विश्नोई ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए इसे युवा पीढ़ी के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।
संवाद और जिज्ञासा समाधान सत्र के दौरान पाठकों और श्रोताओं ने लेखक से सीधा संवाद किया और पुस्तक के संदर्भ में अपनी जिज्ञासाएं रखीं, जिनका लेखक द्वारा समाधान किया गया। कार्यक्रम में अखिल भारतीय साहित्य परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री मनोज कुमार की गरिमामय उपस्थिति रही।
प्रमुख विवरण:
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प्रकाशन: बोधरस प्रकाशन, लखनऊ।
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उपलब्धता: अमेज़न और फ्लिपकार्ट।
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संचालन: मुकेश गाड़री ने कार्यक्रम का संचालन किया, जबकि कैलाश खारोल ने आभार ज्ञापित किया।
कार्यक्रम का समापन सामूहिक हनुमान चालीसा के पाठ के साथ हुआ। इस अवसर पर क्षेत्र के प्रबुद्धजन और साहित्य प्रेमी उपस्थित थे।