पुलिस के जवानों को छूकर निकलीं गोलियां, फिर भी दबोचा 10 हजारी इनामी हिस्ट्रीशीटर
जयपुर की प्रताप नगर थाना पुलिस (स्पेशल टीम) ने रविवार शाम सवाई माधोपुर के मलारना डूंगर इलाके में अदम्य साहस का परिचय देते हुए एक भीषण मुठभेड़ के बाद 10 हजार रुपये के इनामी हिस्ट्रीशीटर हंसराज उर्फ टेम्पू और उसके साथी रोहित धोबी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। जवाबी फायरिंग में मुख्य आरोपी हंसराज घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए जयपुर के एसएमएस (SMS) अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
साजिश का पर्दाफाश और घेराबंदी
डीसीपी (ईस्ट) रंजीता शर्मा के निर्देशन में गठित टीम को सूचना मिली थी कि बाटोदा निवासी हिस्ट्रीशीटर हंसराज अपने साथियों के साथ निवाई क्षेत्र के एक अनाज व्यापारी को लूटने की बड़ी साजिश रच रहा है। मुखबिर की सूचना पर हेड कांस्टेबल दशरथ, कांस्टेबल शंकर यादव और गणेश की टीम ने मलारना डूंगर स्थित एक संदिग्ध मकान की घेराबंदी की।
मुठभेड़: जान पर खेल गए पुलिस के जवान
शाम करीब 6:00 बजे जब बदमाशों ने खुद को पुलिस से घिरा पाया, तो आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। हेड कांस्टेबल दशरथ ने बताया कि बदमाशों की गोलियां उनके बेहद करीब से गुजरीं, एक गोली उन्हें छूते हुए निकली जिससे उनकी जान बाल-बाल बची। पुलिस टीम ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें मुख्य आरोपी हंसराज के पैरों में चार गोलियां लगीं। घायल होने के बावजूद बदमाश फायरिंग करता रहा, लेकिन जवानों ने उसे साहसपूर्वक दबोच लिया। मौके से उसके साथी रोहित धोबी को भी गिरफ्तार किया गया है।
आधुनिक तकनीक और हथियारों का जखीरा
एसीपी (सांगानेर) हरिशंकर शर्मा के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से दो ऑटोमेटिक पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। आरोपी पुलिस की पकड़ से बचने के लिए लगातार सिम कार्ड बदलता था और केवल इंटरनेट कॉलिंग के जरिए संपर्क करता था।
-
हंसराज उर्फ टेम्पू: करीब 20 आपराधिक मामले दर्ज (लूट और हत्या के प्रयास सहित)।
-
रोहित धोबी: करीब 14 आपराधिक मामले दर्ज।
घटना की सूचना मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस अधिकारियों ने मुठभेड़ के दौरान अदम्य साहस दिखाने वाले हेड कांस्टेबल दशरथ और उनकी टीम की सराहना की है। इस सफल ऑपरेशन से क्षेत्र में एक बड़ी लूट की वारदात टल गई है।


