रामबास में पानी लीकेज से सड़कें टूटी, लोग परेशान: लोग बोले- कभी भी हो सकता है हादसा; जलदाय विभाग और नगर पालिका एक-दूसरे को ठहरा रहा जिम्मेदार
अलवर जिले की गोविंदगढ़-रामबास नगरपालिका क्षेत्र के रामबास इलाके में जल जीवन मिशन (JJM) के तहत बनी पानी की टंकी में लीकेज के बाद अब स्टेट हाईवे-45 पर पाइपलाइन लीकेज से नई समस्या खड़ी हो गई है। गोविंदगढ़-जालूकी मार्ग पर सात-आठ स्थानों से पाइपलाइन से पानी रिस रहा है, जिससे सड़क के किनारे बनी सीसी रोड और टाइल पटरी को नुकसान पहुंचने लगा है। लगातार बहते पानी के कारण सड़क की स्थिति बिगड़ रही है और आम लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग से रोजाना कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि गुजरते हैं, लेकिन सड़क पर बह रहे पानी और टूटी टाइलों की ओर किसी का ध्यान नहीं जा रहा। क्षेत्र के निवासी आनंद प्रकाश माथुर के अनुसार सीसी रोड के किनारे लगी टाइलों की पटरी कई स्थानों पर पानी के रिसाव से धंस चुकी है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है।
- पुरानी जर्जर पाइपलाइन बनी समस्या की जड़
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस समस्या की मुख्य वजह वह पुरानी पाइपलाइन है, जो ग्राम पंचायत के समय बिछाई गई थी। अब यह क्षेत्र नगरपालिका के अधीन आ चुका है, लेकिन पाइपलाइन अभी भी वही पुरानी और जर्जर स्थिति में है। नई टंकी बनने के बावजूद पानी की आपूर्ति इसी पुरानी लाइन से की जा रही है।
- नगरपालिका और जलदाय विभाग में खींचतान
नगरपालिका प्रशासन का कहना है कि पाइपलाइन से जुड़ा यह तकनीकी कार्य जलदाय विभाग का है। जल जीवन मिशन योजना के तहत पानी की टंकी का निर्माण और पाइपलाइन बिछाने की जिम्मेदारी भी जलदाय विभाग की थी।
वहीं जलदाय विभाग की कनिष्ठ अभियंता निशा मीना का कहना है कि गोविंदगढ़-जालूकी मार्ग पर बिछी पाइपलाइन ग्राम पंचायत के समय की है। चूंकि अब यह क्षेत्र नगरपालिका के अधीन आ गया है, इसलिए इसकी मरम्मत की जिम्मेदारी नगरपालिका की बनती है।
- दूषित पानी और गंदगी से बढ़ रहा स्वास्थ्य जोखिम
दोनों विभागों के बीच जिम्मेदारी को लेकर चल रही खींचतान का खामियाजा रामबास के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। लगातार लीकेज के कारण सड़क पर गंदा पानी भर जाता है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। साथ ही लोगों को दूषित पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बढ़ गए हैं।
स्थानीय निवासी शक्तिधर भारद्वाज ने इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि रामबास में जेजेएम योजना के तहत पानी की टंकी तो बना दी गई, लेकिन नई पाइपलाइन बिछाने के बजाय पुरानी और जर्जर लाइनों से ही पानी की आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने इसे सरकारी बजट की बर्बादी और जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बताया। भारद्वाज ने कहा कि क्षेत्र के लोगों के लिए जल जीवन मिशन योजना फिलहाल “दूर के ढोल सुहावने” जैसी साबित हो रही है।


