सपनों का सौदा या साजिश? करोड़ों की ठगी में 7 महीने की खामोशी ने उठाए बड़े सवाल
खैरथल (हीरालाल भूरानी) खैरथल तिजारा क्षेत्र के ग्राम मातोर में सामने आए करोड़ों रुपये की ठगी के मामले ने अब जनाक्रोश का रूप ले लिया है। सैकड़ों ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को सामूहिक ज्ञापन सौंपते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पीड़ितों का आरोप है कि नवअंश इंडिया निधि लिमिटेड नामक कंपनी ने गांव-गांव जाकर ऊंचे मुनाफे का लालच दिया और भरोसे का जाल बुनकर लोगों से उनकी जीवनभर की जमा-पूंजी ऐंठ ली।
मामले की गंभीरता इस बात से समझी जा सकती है कि शिकायत दर्ज हुए करीब 7 महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक न तो आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है और न ही निवेशकों को उनकी रकम लौटाने की कोई ठोस प्रक्रिया शुरू हुई है। फरवरी 2026 में सक्षम अधिकारी की नियुक्ति के बावजूद कार्रवाई कागजों से बाहर नहीं निकल पाई है। ग्रामीणों का कहना है कि वे लगातार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिलता है। कई परिवारों की आर्थिक स्थिति बिगड़ चुकी है-किसी की बेटी की शादी अटकी है तो कोई कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है। स्थिति अब सिर्फ आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक संकट का रूप लेती जा रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही दोषियों के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाए गए और उनकी राशि वापस नहीं दिलाई गई, तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ज्ञापन पर लगे सैकड़ों हस्ताक्षर इस बात का संकेत हैं कि यह मुद्दा अब व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की सामूहिक पीड़ा बन चुका है। प्रशासन की चुप्पी जितनी लंबी होती जा रही है, उतनी ही गहरी होती जा रही है लोगों की नाराज़गी-और यही नाराज़गी कभी भी बड़े जनविस्फोट का कारण बन सकती है।

