शिक्षक हितों पर कुठाराघात पर शैक्षिक महासंघ का कड़ा विरोध; शिविरा संशोधन की मांग को लेकर एबीआरएसएम राजस्थान ने शिक्षा मंत्री से की मुलाकात
रूपबास (भरतपुर/ कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) के प्रतिनिधि मंडल ने प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा के नेतृत्व में शिक्षा मंत्री मदन लाल दिलावर से मिलकर शिक्षा विभाग द्वारा जारी शिविरा पंचांग में त्वरित संशोधन की मांग की।प्रतिनिधि मंडल में प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा, प्रदेश उपाध्यक्ष उदयपुर संभाग अभय सिंह राठौड़ उपस्थित रहे।
संगठन के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य हरिशंकर शर्मा ने बताया कि महासंघ ने शिक्षा मंत्री से मिलकर माध्यमिक शिक्षा निदेशक द्वारा जारी शिविरा पंचांग का कड़ा विरोध करते हुए बताया कि विभागीय अधिकारियों द्वारा जानबूझकर शिक्षक हितों पर कुठाराघात करने का प्रयास किया जा रहा है। पहले से ही राज्य में शिक्षा विभागीय अवकाश केंद्र की तुलना में कम मिल रहे है और अब शिविरा पंचांग में नवीन संशोधन करते हुए शिक्षकों के अवकाश में कटौती कर दी। इतना ही नहीं संस्था प्रधान द्वारा अधिकृत अवकाश में भी कटौती की गई है। इससे प्रदेश भर के शिक्षकों में सरकार के प्रति गहरा आक्रोश व्याप्त हो रहा है।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष पुष्करणा ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट तौर पर अवकाश कटौती का कड़ा विरोध करते हुए माननीय शिक्षा मंत्री से पुनः संशोधित पंचांग जारी करने का आग्रह किया है।संगठन ने कहा है कि अगर इसी तरह अवकाश कटौती की मंशा है तो शिक्षकों को भी अन्य कार्मिकों के समान 30 पीएल दी जाए। इस पर शिक्षा मंत्री दिलावर ने शीघ्र उचित समाधान करने की बात कही है। संगठन ने सरकार के इस प्रयास के परिणामस्वरूप उत्पन्न स्थिति पर आगामी निर्णय के लिए 09 अप्रैल को स्थाई कार्यसमिति की आपात आभासी बैठक आयोजित की है।
बैठक में सरकार द्वारा संशोधन नहीं होने पर आगामी रणनीति तय की जाएगी।इस अवसर पर शैक्षिक महासंघ के प्रदेश सभाध्यक्ष संपत सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रवि आचार्य, उपाध्यक्ष महिला सुषमा विश्नोई, प्रदेश मंत्री अमरजीत सिंह, महिला मंत्री गीता जैलिया,अतिरिक्त प्रदेश महामंत्री बसंत जिंदल, कोषाध्यक्ष कैलाश कच्छावा सहित प्रदेश कार्यकारिणी के समस्त पदाधिकारीयों ने कहा कि सरकार के अवकाश कटौती करने पर समूचे शिक्षक समुदाय में भारी आक्रोश व्याप्त हो रहा है। संगठन हमेशा शिक्षकों के साथ खड़ा रहा है और इस नवीन परिस्थिति में भी शीघ्र शिविरा संशोधन करवाकर राहत दी जाएगी।


