मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान: 2047 के विजन हेतु 20 अप्रैल तक मांगे सुझाव, जिला कलक्टर ने की समीक्षा
भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) जिला कलक्टर कमर चौधरी की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान की प्रगति को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
जिला कलक्टर ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा शुरू किया गया मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान राज्य के सभी ग्राम पंचायतों और शहरी वार्डों के समग्र विकास के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। इस अभियान का उद्देश्य वर्ष 2047 तक के विजन के अनुरूप प्रत्येक क्षेत्र का डायनेमिक मास्टर प्लान तैयार करना है, जिसमें स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर बुनियादी ढांचा, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर विकसित किए जाएंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि आगामी 20 अप्रैल तक ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में फोकस ग्रुप डिस्कशन आयोजित कर आमजन से सुझाव प्राप्त किए जाएं। इसके बाद 25 अप्रैल तक ग्राम सभा एवं वार्ड सभा द्वारा ड्राफ्ट मास्टर प्लान का अनुमोदन किया जाए तथा 30 अप्रैल तक इसे पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि 15 मई तक हर हाल में सभी पंचायतों एवं वार्डों के फाइनल मास्टर प्लान तैयार कर अपलोड किए जाएं।
अभियान के प्रमुख घटक-
उन्होंने बताया कि अभियान के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत और शहरी वार्ड का जीआईएस आधारित बेस मैप तैयार किया जा रहा है, जिससे क्षेत्रवार आवश्यकताओं का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जा सके। स्थानीय निवासियों, महिलाओं और युवाओं के सुझावों के आधार पर जल निकासी, सड़क, आवारा पशु, रोशनी जैसी समस्याओं के समाधान का रोडमैप बनाया जाएगा। इसके साथ ही डिजिटल मॉनिटरिंग और जियो-टैगिंग के माध्यम से विकास कार्यों की ऑनलाइन निगरानी की जाएगी। स्कूलों में पानी और बिजली की व्यवस्था, सामुदायिक भवन, पार्कों में ओपन जिम, सीसीटीवी कैमरे तथा स्ट्रीट लाइट जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
क्यूआर फीडबैक से बढ़ेगी जन-भागीदारी-
जिला कलक्टर ने बताया कि अभियान में आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए क्यूआर कोड आधारित फीडबैक सिस्टम लागू किया जा रहा है। इसके माध्यम से नागरिक सीधे अपने सुझाव मास्टर प्लान में शामिल करा सकेंगे। साथ ही शहरी वार्डों में सुझाव पेटियां भी स्थापित की गई हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि आईटी विभाग के माध्यम से क्यूआर कोड फीडबैक सिस्टम शीघ्र विकसित किया जाए तथा ग्राम पंचायत स्तर पर आईडी मैपिंग कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए।
2047 विजन के अनुरूप तैयार होगा विकास रोडमैप-
उन्होंने बताया कि अभियान के तहत ग्राम पंचायतों और शहरी वार्डों के लिए कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, जल प्रबंधन, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन और सुशासन सहित 11 सेक्शन में डिजिटल बेसलाइन तैयार की जा रही है। इसी आधार पर अल्पकालिक, मध्यम अवधि और दीर्घकालीन विकास योजनाएं बनाई जाएंगी। उन्होंने आमजन से अपील की है कि वे अपने क्षेत्र के विकास के लिए अधिक से अधिक सुझाव निर्धारित समय सीमा में उपलब्ध कराएं, ताकि स्थानीय जरूरतों के अनुरूप सशक्त और प्रभावी मास्टर प्लान तैयार किया जा सके।


