महुवा में सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल: एक ही पांडाल में हुए निकाह और फेरे, पूर्व विधायक हुडला ने 28 बेटियों का कराया कन्यादान
महुवा (दौसा/ अवधेश अवस्थी) "गरीब की बेटी की शादी करना जीवन का सबसे बड़ा पुण्य है।" इसी सेवा भाव को चरितार्थ करते हुए रविवार को पूर्व विधायक ओम प्रकाश हुडला ने अपने पैतृक गांव हुडला में 28 जरूरतमंद बेटियों का सामूहिक विवाह संपन्न कराया। इस आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि यहाँ एक ही मंच पर हिंदू रीति-रिवाजों से फेरे हुए और मुस्लिम समाज के निकाह भी संपन्न कराए गए।
- कुरीतियों के खिलाफ हुडला की मुहिम
इस अवसर पर पूर्व विधायक हुडला ने समाज में बढ़ते दिखावे और पाश्चात्य संस्कृति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि फिजूलखर्ची ने दहेज प्रथा, भ्रूण हत्या और बाल विवाह जैसी कुरीतियों को जन्म दिया है। सामूहिक विवाह न केवल इन बुराइयों को खत्म करने का माध्यम है, बल्कि इसके दूरगामी परिणाम समाज हित में हैं। बता दें कि हुडला वर्ष 2003 से लगातार इस पुनीत कार्य को कर रहे हैं।
- तीन अनाथ बेटियों के 'पिता' बने पूर्व विधायक
समारोह में ओम प्रकाश हुडला का मानवीय पक्ष तब उभर कर आया जब उन्होंने महुवा निवासी तीन अनाथ बेटियों— प्रीति बैरवा, सोनम महावर और रेणु महावर —को गोद लेकर एक पिता की तरह उनका कन्यादान किया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, "आज मैं स्वयं को सौभाग्यशाली मानता हूं कि मुझे इन बेटियों का पिता बनने का अवसर मिला।"
- सर्वधर्म समभाव का अनूठा संगम
सामूहिक विवाह में सर्वसमाज की 28 बेटियों के हाथ पीले हुए। इनमें साईना बानो, सानिया खान, सानिया बानो, सोनम बानो और अफसाना बानो के निकाह भी उसी गरिमा के साथ संपन्न हुए, जैसे अन्य बेटियों के फेरे। सभी नवविवाहित जोड़ों को उपहार स्वरूप बर्तन, जेवरात, फर्नीचर और आवश्यक घरेलू सामान भेंट किया गया।
इस भव्य आयोजन में ओम प्रकाश हुडला की धर्मपत्नी प्रेम प्रकाश हुडला का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और हजारों की संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे, जिन्होंने नवदंपतियों को आशीर्वाद दिया।


