भीलवाड़ा में गौ भक्ति का ज्वार: हजारों श्रद्धालुओं ने निकाली संकीर्तन रैली, संतों के सानिध्य में 11 बजे गूँजा ‘जय गौ माता’ का उद्घोष
भीलवाड़ा, (राजकुमार गोयल) 'गौ सम्मान आह्वान अभियान' के अंतर्गत सोमवार को भीलवाड़ा शहर की सड़कें भक्ति और संकल्प की साक्षी बनीं। संतों के सानिध्य में आयोजित भव्य एवं अनुशासित संकीर्तन पैदल रैली में हजारों की संख्या में गौ भक्तों ने भाग लिया। रैली का मुख्य आकर्षण गौ माता और श्रीकृष्ण-बलराम की मनमोहक झांकी रही।
आस्था की पराकाष्ठा तब देखने को मिली जब क्षेत्रीय विधायक अशोक कुमार कोठारी, अभियान के तहसील प्रचारक लाल जी महाराज और परम गौभक्त सुनील जागेटिया पूरी पदयात्रा के दौरान नंगे पाँव चले। उनके इस समर्पण ने उपस्थित जनसमूह में भारी उत्साह भर दिया।
संकीर्तन यात्रा से पूर्व राजेंद्र मार्ग विद्यालय मैदान में एक विशाल सभा आयोजित की गई। संकट मोचन हनुमान मंदिर के महामंडलेश्वर बाबू गिरी जी महाराज, हरि सेवा धाम के संत मायाराम, निम्बार्क आश्रम के महंत मोहनशरण शास्त्री सहित अनेक संतों ने गौ माता को 'राष्ट्र माता' का दर्जा दिलाने और संवैधानिक संरक्षण देने पर बल दिया। वक्ताओं ने कहा कि गौवंश भारतीय संस्कृति, कृषि और अर्थव्यवस्था की आत्मा है।
संकीर्तन यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों (महावीर पार्क, सूचना केंद्र, गोल प्याऊ चौराहा, सदर बाजार) से होते हुए जिला कलेक्ट्रेट पहुँची। यहाँ प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम संबोधित प्रार्थना पत्र सौंपे। इन पत्रों के साथ देशभर से एकत्र किए गए करोड़ों हस्ताक्षर भी संलग्न किए गए। जिसकी प्रमुख मांगें:-
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गौ माता को आधिकारिक रूप से 'राष्ट्र माता' घोषित किया जाए।
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संपूर्ण भारत में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध हेतु केंद्रीय कानून बने।
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गौ सेवा के लिए पृथक 'गौ सेवा मंत्रालय' की स्थापना हो।
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गोवंश को पूर्ण संवैधानिक संरक्षण प्रदान किया जाए।
इस्कॉन मंदिर की टोली के भजन-कीर्तन और दुर्गा शक्ति अखाड़े की बहनों, स्काउट गाइड व मुस्कान टोली के सहयोग से पूरी यात्रा अत्यंत अनुशासित रही। कार्यक्रम में तिलोक चंद्र छाबड़ा, राधेश्याम सोमानी, कांति लाल जैन, आनंद चपलोत, देवी लाल गुर्जर, भगवान सिंह चौहान सहित भीलवाड़ा के अनेक प्रबुद्ध नागरिक, अधिवक्ता, शिक्षाविद और मातृशक्ति उपस्थित रही।


