नदबई के बहुचर्चित योगेंद्र चोपड़ा हत्याकांड और लूट के मामले में न्याय की आस में पांचवें दिन भी जारी रहा धरना
नदबई (भरतपुर/ कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) नदबई कस्बे की पंजाबी कॉलोनी में हुए ज्वेलर योगेंद्र चोपड़ा की निर्मम हत्या और लूट के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली से आक्रोशित सर्व समाज का धरना मंगलवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। घटना के 33 दिन बीत जाने के बाद भी मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से स्थानीय लोगों का धैर्य जवाब दे रहा है।
- अस्पताल से सीधे धरनास्थल पहुंची पीड़ित पत्नी
उल्लेखनीय है कि सोमवार को धरने के दौरान मृतक की पत्नी शालू चोपड़ा की तबीयत अत्यधिक बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन न्याय पाने की तड़प ऐसी कि अपनी शारीरिक कमजोरी को दरकिनार करते हुए शालू चोपड़ा प्राथमिक उपचार के तुरंत बाद पुनः तहसील के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गईं। उनके इस साहस को देख धरनास्थल पर मौजूद सर्व समाज के लोगों में जोश भर गया।
- पुलिस और प्रशासन पर उठ रहे सवाल
धरना दे रहे प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बदमाशों ने घर से महज 100 मीटर की दूरी पर योगेंद्र चोपड़ा को गोली मारकर जेवरातों से भरा बैग लूट लिया था। पुलिस की भारी गश्त और सुरक्षा के दावों के बीच हुई इस वारदात का एक महीना बीत जाने पर भी खुलासा न होना प्रशासन की विफलता को दर्शाता है। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने धरनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात कर रखा है।
सर्व समाज और पीड़ित परिवार ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक निम्नलिखित मांगें पूरी नहीं होतीं, धरना समाप्त नहीं होगा:
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हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी सजा।
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पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये का आर्थिक मुआवजा।
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मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी।
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बेटे के भविष्य को सुरक्षित करने हेतु मेडिकल कॉलेज में प्रवेश में सहयोग।


