"स्वावलंबी किसान, समृद्ध राष्ट्र": आदर्श गांव नांदिया कलां में काजरी ने सिखाई आधुनिक खेती की तकनीक
काजरी ने नांदिया कलां में दिया फील्ड प्रशिक्षण, थार शोभा खेजड़ी के पौधे और कृषि सामग्री वितरित
बावड़ी (जोधपुर) मिश्रीलाल लखारा। केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (काजरी) के कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा निक्रा (NICRA) प्रोजेक्ट के तहत गोद लिए गए आदर्श गांव नांदिया कलां में किसानों के लिए एक दिवसीय फील्ड प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को उन्नत किस्म के थार शोभा खेजड़ी के पौधे, नीम ऑयल, नीम केक तथा मल्चिंग सामग्री का नि:शुल्क वितरण किया गया।
जलवायु जोखिम प्रबंधन समिति के अध्यक्ष गणपत राम मेघवाल ने बताया कि काजरी द्वारा समय-समय पर गांव में वैज्ञानिकों के माध्यम से आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रदर्शन और प्रशिक्षण दिया जाता है।
थार शोभा खेजड़ी बढ़ाएगी किसानों की आय
कार्यक्रम में काजरी के वैज्ञानिक डॉ. चंदन एम.आर. ने थार शोभा खेजड़ी के वैज्ञानिक रोपण एवं संरक्षण की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि थार शोभा खेजड़ी स्थानीय जलवायु के अनुकूल, कांटारहित एवं कम ऊंचाई वाली प्रजाति है। इसका चारा अधिक पौष्टिक होता है और सांगरी का उत्पादन देशी खेजड़ी की तुलना में काफी अधिक मिलता है, जिसका बाजार भाव करीब 3,000 रुपये प्रति क्विंटल तक रहता है। यह नवाचार किसानों की आय बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगा।
सफलतापूर्वक फल-फूल रहे हैं बेर के बगीचे
डॉ. चंदन ने बताया कि इससे पूर्व भी काजरी द्वारा गांव में दो बेर के बगीचों का विकास कराया गया था, जो वर्तमान में सफलतापूर्वक फल दे रहे हैं।
इस अवसर पर कोऑर्डिनेटर रवि कालश, सचिव जितेंद्र सिंह भाटी, कोषाध्यक्ष मोहनराम माचरा, तुलछपुरी गोस्वामी, समदर सिंह भाटी, सूरज सोनी, राजूराम गर्ग सहित बड़ी संख्या में स्थानीय किसान मौजूद रहे।

