छत से गिर रहा प्लास्टर, दीवारों में दरारें:200 से अधिक नौनिहाल टिनशेड के नीचे पढ़ने को मजबूर
अधिकारियों की अनदेखी से अभिभावकों में रोष; प्रधानाध्यापिका की लिखित शिकायतों के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
बरही/चौराचौरा (शशि जायसवाल)। विकास खंड बड़हपुर क्षेत्र के डीहघाट स्थित प्राथमिक विद्यालय की बदहाल स्थिति मासूम बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन गई है। वर्षों पुराना यह विद्यालय भवन इस कदर जर्जर हो चुका है कि यहां हर पल किसी अनहोनी का डर बना रहता है। इसके बावजूद मजबूरी में 200 से अधिक छात्र-छात्राएं इसी जोखिमभरे माहौल में पढ़ाई करने को विवश हैं।
विद्यालय के कक्षा कक्षों की छतों से आए दिन प्लास्टर टूट-टूटकर गिर रहा है और जंग लगे सरिया साफ दिखाई देने लगे हैं। दीवारों में पड़ी गहरी दरारें भवन के कभी भी धराशायी होने का संकेत दे रही हैं। हादसों से बचने के लिए विद्यालय प्रशासन ने फिलहाल कक्षाओं और कार्यालय का संचालन खुले में टिनशेड के नीचे शुरू किया है। हालांकि, कड़कड़ाती धूप, उमस और बारिश के बीच टिनशेड के नीचे पढ़ाई करना बच्चों के लिए भारी मुसीबत साबित हो रहा है।
अधिकारियों की चुप्पी पर उठे सवाल विद्यालय की प्रधानाध्यापिका नैना देवी ने बताया कि जर्जर भवन की मरम्मत और पुननिर्माण को लेकर कई बार विभागीय अधिकारियों को लिखित में सूचना दी जा चुकी है। इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
ग्रामीणों ने उठाई नए भवन के निर्माण की मांग अभिभावकों व ग्रामीणों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों की जान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग से मांग की है कि इस जर्जर भवन को अविलंब ध्वस्त कर नए सुरक्षित भवन का निर्माण कराया जाए, ताकि बच्चे बिना किसी भय के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।

