तेज रफ्तार पर लगे लगाम: चौरीचौरा तहसील मार्ग पर स्पीड ब्रेकर बनाने की उठी मांग, हादसों से सहमे लोग
अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों के पास हर वक्त दुर्घटना की आशंका; स्थानीय निवासियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से की गुहार
गोरखपुर, चौरीचौरा / शशि जायसवाल
चौरीचौरा बस स्टेशन से तहसील मुख्यालय तक जाने वाला प्रमुख मार्ग इन दिनों बेलगाम रफ्तार से दौड़ते वाहनों के कारण स्थानीय नागरिकों और राहगीरों के लिए चिंता का विषय बन गया है। इस व्यस्त सड़क पर सुरक्षा के लिए गति अवरोधक (स्पीड ब्रेकर) न होने से वाहन चालक तेज गति से गाड़ियां निकाल रहे हैं, जिससे आए दिन छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, कुछ समय पूर्व नगर पंचायत द्वारा सड़क का सुंदरीकरण कराया गया था। सड़क बेहतर होने के बाद से चालकों की लापरवाही और वाहनों की गति और अधिक बढ़ गई है। मार्ग पर समय के साथ यातायात का दबाव बढ़ा है, लेकिन सुंदरीकरण के दौरान स्पीड ब्रेकर जैसी अनिवार्य व्यवस्था नहीं की गई, जिसके चलते सड़क पार करने वाले बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए हर पल खतरा बना रहता है।
अस्पतालों और स्कूलों के कारण दिनभर रहता है दबाव मामले को गंभीरता से लेते हुए पूर्व विधायक प्रत्याशी राहुल जायसवाल, चंद्रशेखर मणि त्रिपाठी, डॉ. एस.एन. उपाध्याय तथा संतोष जायसवाल सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासनिक अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकर्षित किया है। उन्होंने बताया कि इस मार्ग पर कई प्रमुख अस्पताल और शिक्षण संस्थान स्थित हैं। दिनभर मरीजों, स्कूली बच्चों और उनके परिजनों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में गति अवरोधक का न होना किसी बड़े हादसे को दावत देने समान है।
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग क्षेत्रवासियों ने जनहित और सड़क सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए प्रशासन से अपील की है कि इस मार्ग पर प्राथमिकता के आधार पर मानक के अनुसार स्पीड ब्रेकर बनवाए जाएं, ताकि वाहनों की गति पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सके और मासूम जिंदगियों को हादसों का शिकार होने से बचाया जा सके।

