ग्रामीण विकास योजनाओं की भरतपुर संभाग स्तरीय समीक्षा: स्वीकृत कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश
भरतपुर / कोश्लेंद्र दत्तात्रेय
ग्रामीण विकास योजनाओं की पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभागार में एक उच्चस्तरीय संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता ग्रामीण विकास विभाग के शासन सचिव कृष्ण कुणाल ने की।
शासन सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्रामीण विकास योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक बिना किसी देरी के पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि गरीब और वंचित वर्ग के हक में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
1. ब्रज, मेवात और डांग विकास योजनाओं पर विशेष जोर
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आधारभूत ढांचा विकास: भरतपुर एवं डीग जिले की 285 ग्राम पंचायतों में बुनियादी सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता दी जाएगी।
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सार्वजनिक व ऐतिहासिक स्थल: चारागाह भूमि, धार्मिक स्थलों, ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक स्थलों, जल स्रोतों तथा नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों को समय पर पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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पशु आश्रय व पेयजल: चारागाहों में पशु आश्रय स्थल, पेयजल हेतु ट्यूबवेल और मंदिरों में जनसुविधाओं का निर्माण उच्च गुणवत्ता के साथ कराया जाएगा।
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जर्जर स्कूल व आंगनबाड़ी भवन: सभी जिलों में जर्जर स्कूल और आंगनबाड़ी भवनों को चिन्हित कर कन्वर्जन फंड (Conversion Amount) के तहत दो कमरे मय बरामदा निर्माण के प्रस्ताव तत्काल भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
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15 अगस्त की डेडलाइन: मेवात विकास बोर्ड, डांग विकास बोर्ड और ब्रज क्षेत्र विकास योजना के तहत सभी स्वीकृत कार्य 15 अगस्त से पहले हर हाल में शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
2. प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAYG): दिसंबर तक पूरे होंगे 27,026 मकान
शासन सचिव ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निम्नलिखित दिशा-निर्देश दिए:
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चरणबद्ध लक्ष्य: संभाग में स्वीकृत 27,026 आवासों को आगामी दिसंबर तक चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।
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जियो-टैगिंग और किस्त जारी करना: जियो-टैगिंग (Geo-tagging) प्रक्रिया के तुरंत बाद नियमानुसार लाभार्थियों को किस्तों का भुगतान समय पर सुनिश्चित किया जाए।
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सख्त कार्रवाई की चेतावनी: स्वीकृति (Sanction) के बाद तय समय सीमा में मस्टरोल (Mustroll) जारी की जाए। ऑर्डर शीट अपलोड न करने या वित्तीय भुगतान में अनावश्यक देरी करने वाले कर्मचारियों/अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
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संपूर्ण लाभ: पात्र व्यक्ति को मकान की राशि के साथ-साथ शौचालय निर्माण की देय राशि भी समय पर हस्तांतरित की जाएगी।
3. राजीविका (Rajeevika): महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की मुहिम
भरतपुर संभाग में वर्तमान में 4,508 महिला स्वयं सहायता समूह (SHG) कार्यरत हैं। राजीविका योजना की समीक्षा करते हुए निम्नलिखित निर्णय लिए गए:
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विशेष बैंक लिंकेज अभियान: 31 अगस्त तक विशेष अभियान चलाकर पात्र महिलाओं के नए स्वयं सहायता समूह गठित किए जाएंगे और उनके बैंक खाते खोले जाएंगे।
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महिला सखी मॉडल: महिलाओं को स्वरोजगार और आजीविका से जोड़ने के लिए आवास सखी, कृषि सखी, पशु सखी और बैंक सखी के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा।
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तकनीकी व प्राथमिक प्रशिक्षण:
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कृषि सखी: प्राकृतिक खेती (Organic Farming), आधुनिक कृषि नवाचार, ऑयल मिल और दाल मिल संचालन का प्रशिक्षण।
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पशु सखी: पशुओं का टीकाकरण, प्राथमिक उपचार, दवाओं की उपलब्धता और उन्नत नस्ल सुधार संबंधी जानकारी।
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व्यावसायिक गतिविधियां: स्वयं सहायता समूहों को खाद-बीज की दुकान, पशु आहार बिक्री, मछली पालन, मुर्गी पालन और बकरी पालन जैसे आजीविका मॉडल से जोड़ा जाएगा।
4. पर्यटन और स्थानीय विकास (श्यामा प्रसाद मुखर्जी ग्रामीण उत्थान योजना)
श्यामा प्रसाद मुखर्जी ग्रामीण उत्थान योजना के तहत वन विभाग और अन्य एजेंसियों द्वारा संचालित विकास कार्यों की समीक्षा की गई:
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बंध बारैठा: पर्यटक सुविधाओं और बायोलॉजिकल पार्क का विकास।
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स्थानीय खेल व हाट: पैथना में दंगल स्थल, अटारी में ग्रामीण हाट तथा वैर, उच्चैन एवं भुसावर में खेल स्टेडियम का निर्माण।
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जलप्रपात विकास: दर्रबराहना वाटरफॉल (Darrbarahna Waterfall) सहित अन्य प्रमुख प्राकृतिक पर्यटन स्थलों का सुंदरीकरण और विकास।
5. सामाजिक अंकेक्षण (Social Audit) के लंबित मामलों पर सख्त निर्देश
सामाजिक अंकेक्षण निदेशक सांवरमल वर्मा ने बताया कि संभाग में वर्ष 2019 से 2026 तक 3,054 सामाजिक अंकेक्षण प्रकरण लंबित हैं।
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अधिकारियों को सभी लंबित प्रकरणों की भौतिक रिपोर्ट (Physical Audit Report) तत्काल पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया गया।
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ग्राम सभाओं में सोशल ऑडिट का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और ऑडिट टीमों को पूर्ण तकनीकी व प्रशासनिक सहयोग प्रदान करने के आदेश जारी किए गए।
बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी
इस समीक्षा बैठक में डीग जिला कलक्टर मयंक मनीष, भरतपुर विकास प्राधिकरण के आयुक्त कनिष्क कटारिया, जिला परिषद सीईओ मृदुल सिंह, ग्रामीण विकास विभाग के उपसचिव ओंकारेश्वर शर्मा, पीएम आवास योजना के स्टेट नोडल अधिकारी केके शर्मा, अतिरिक्त आयुक्त हेमंत स्वरूप माथुर, वित्तीय सलाहकार सुमेरसिंह सहित संभाग के सभी जिलों के जिला परिषद सीईओ और राजीविका के जिला प्रबंधक उपस्थित रहे।

