जयपुर:श्री गोविंद देव परोपकारी ट्रस्ट के तत्वाधान में योग सत्र आयोजित: योगाचार्य केदार नाथ शर्मा ने बताया—'योग व्यायाम नहीं, संपूर्ण जीवन दर्शन है'
जयपुर:कमलेश जैन
श्री गोविंद देव परोपकारी ट्रस्ट के तत्वावधान में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, करतारपुरा (जयपुर) में एक विशेष योग सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पतंजलि योगपीठ के प्रमुख योगाचार्य केदार नाथ शर्मा ने विद्यार्थियों और अध्यापकों को योगाभ्यास कराया तथा जीवन में योग के आध्यात्मिक व वैज्ञानिक महत्व पर प्रकाश डाला।
'योग मात्र वैकल्पिक चिकित्सा नहीं, एक संपूर्ण विज्ञान है'
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय प्रधानाध्यापक और योगाचार्य केदार नाथ शर्मा ने योग के बहुआयामी लाभों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा:
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आत्मानुशासन और जीवन पद्धति: योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि आत्मानुशासन और स्वयं को रूपांतरित करने की श्रेष्ठ आध्यात्मिक विद्या है। यह व्यक्ति को वामन (सूक्ष्म) से विराट बनाने का सामर्थ्य रखता है।
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रोगों का मूल कारण से निवारण: योग एलोपैथी की तरह केवल लक्षणों का इलाज (symptomatic treatment) नहीं करता, बल्कि बीमारियों के मूल कारण को समाप्त कर व्यक्ति को भीतर से पूरी तरह स्वस्थ बनाता है।
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मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य: यह एक ऐसा संपूर्ण चिकित्सा शास्त्र है जो केवल शारीरिक व्याधियों को ही नहीं, बल्कि मानसिक तनाव और विकारों को भी दूर करता है।
संकीर्ण दृष्टिकोण से ऊपर उठकर योग को अपनाएं
योगाचार्य ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि योग को किसी वर्ग विशेष की पूजा पद्धति या केवल कसरत (Workout) के रूप में देखना संकीर्ण मानसिकता का प्रतीक है। स्वार्थ, अज्ञान और अहंकार से ऊपर उठकर योग को एक पूर्ण विज्ञान के रूप में स्वीकार करना चाहिए।
पौराणिक मान्यताओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि नियमित प्राणायाम और योगाभ्यास से शरीर के अष्ट चक्र जाग्रत होते हैं तथा संचित नकारात्मक ऊर्जा व अशुभ संस्कारों का क्षय होता है।
कार्यक्रम में प्रमुख लोग रहे मौजूद
इस योग शिविर के दौरान विद्यालय परिवार और स्थानीय लोगों की उत्साहजनक उपस्थिति रही। कार्यक्रम में मुख्य रूप से बृज भूषण शर्मा, वीणा दाधीच, अमरजीत, दीपक, पंकज, पूजा, माधव, कृष्ण, आकाश, सरिता, किरण, अनिता, सोनम, वंशिका, पायल, मुस्कान, लव और कुश सहित कई गणमान्य लोग व छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

