छत्रपति संभाजीनगर में बोले कॉकरोच जनता पार्टी संस्थापक:सत्ता से नहीं, व्यवस्था की कमियों से है लड़ाई
शिक्षा के हर मुद्दे पर छात्रों के साथ रहेगा संगठन, सत्ता नहीं व्यवस्था से है लड़ाई: अभिजीत दिपके
छत्रपति संभाजीनगर। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने संगठन का विज़न स्पष्ट करते हुए कहा है कि उनका संघर्ष किसी राजनीतिक दल विशेष के खिलाफ न होकर व्यवस्था की कमियों के खिलाफ है। उन्होंने साफ किया कि देश में जहां भी शिक्षा और छात्रों के अधिकारों से जुड़ा मुद्दा उठेगा, उनका संगठन पूरी ताकत के साथ छात्रों के समर्थन में खड़ा रहेगा।
दिपके ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियां किसी एक राज्य तक सीमित नहीं हैं। देशभर के युवा विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं, जिन्हें सरकारों द्वारा गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
चुनाव नहीं, 'पब्लिक प्रेशर ग्रुप' बनाने पर ज़ोर
राजनीतिक भविष्य पर स्थिति स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि फिलहाल उनका ध्यान चुनाव लड़ने पर नहीं, बल्कि एक सशक्त और निष्पक्ष "पब्लिक प्रेशर ग्रुप" (जनदबाव समूह) तैयार करने पर है। उन्होंने कहा कि छात्र हित सर्वोपरि हैं और इसके लिए वे केंद्र या राज्य में सत्तारूढ़ किसी भी दल से संवाद करने को तैयार हैं। समाधान न निकलने पर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रहेगा।
जांच एजेंसियों के दुरुपयोग से कमजोर हुआ विपक्ष
दिपके ने विपक्ष की मौजूदा स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग के कारण विपक्षी दल कमजोर हुए हैं, जिससे राजनीतिक संतुलन बिगड़ा है। वहीं, आंदोलनों में असामाजिक तत्वों के आरोपों पर उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों की जवाबदेही तय करने और निष्पक्ष जांच की मांग की।
विदेश छोड़कर भारत लौटने की बताई वजह
अपने व्यक्तिगत अनुभव को साझा करते हुए दिपके ने भावुक लहजे में कहा कि विदेश में उन्हें एक भारतीय छात्र के रूप में सम्मान मिला, लेकिन स्वदेश लौटने पर राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर उन पर सवाल उठाए गए। इसी आघात के बाद उन्होंने भारत में रहकर जनहित और छात्रों की आवाज बनने का संकल्प लिया।

