ग्राम रथ अभियान: अनिल कुमार के चेहरे पर लौटी मुस्कान, मौके पर मिला 'स्वामित्व पट्टा'
भरतपुर / कोश्लेंद्र दत्तात्रेय
राजस्थान सरकार द्वारा संचालित 'ग्राम रथ अभियान' ग्रामीण अंचलों के लिए वरदान साबित हो रहा है। शनिवार को सेवर पंचायत समिति की ग्राम पंचायत कूम्हां में आयोजित जनजागरूकता शिविर के दौरान एक सुखद तस्वीर सामने आई, जहाँ पात्र लाभार्थी अनिल कुमार को वर्षों का इंतजार खत्म होने के बाद मौके पर ही भूमि का पट्टा वितरित किया गया।
बैंक ऋण की समस्या से मिलेगी मुक्ति
कूम्हां निवासी अनिल कुमार ने बताया कि जमीन का मालिकाना हक (पट्टा) न होने के कारण उन्हें बैंक से ऋण लेने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। कृषि कार्य और परिवार की आर्थिक जरूरतों के लिए उन्हें धन की आवश्यकता थी, लेकिन पट्टे के अभाव में फाइल आगे नहीं बढ़ पा रही थी।
प्रशासन ने दिखाई तत्परता, मौके पर हुआ समाधान
शिविर के दौरान अनिल कुमार ने उपखंड अधिकारी (SDM) भारती गुप्ता के समक्ष अपना आवेदन प्रस्तुत किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए उपखंड अधिकारी ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को दस्तावेजों की जांच और पूर्ति के निर्देश दिए। प्रशासन की सक्रियता के चलते सभी औपचारिकताओं को मौके पर ही पूरा किया गया और अनिल कुमार को उनके घर की जमीन का 'स्वामित्व पट्टा' सौंप दिया गया।
"लंबे समय से पट्टे के लिए परेशान था। आज ग्राम रथ अभियान के माध्यम से मेरी समस्या का समाधान हो गया। अब मुझे अपनी भूमि पर कानूनी हक मिल गया है, जिससे मैं बैंक से ऋण लेकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधार सकूंगा।"
— अनिल कुमार, लाभार्थी (ग्राम पंचायत कूम्हां)
मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन का जताया आभार
पट्टा प्राप्त करने के बाद अनिल कुमार ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और जिला प्रशासन का धन्यवाद करते हुए कहा कि जब सरकारी योजनाएं इस तरह धरातल पर उतरती हैं, तभी आमजन का जीवन बदलता है।
क्या है ग्राम रथ अभियान?
शिविर में एलईडी मोबाइल वैन (ग्राम रथ) के माध्यम से ग्रामीणों को राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं, पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन से संबंधित कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को जागरूक करना और अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को सरकार की योजनाओं से जोड़ना है।


