नगर परिषद की लापरवाही: खैरथल में 58 लाख की लागत से लगाए 52 में से 34 कैमरे बंद, सुरक्षा ग्रिड फेल
खैरथल (हीरालाल भूरानी)
शहर में अपराध और चोरी की वारदातों को रोकने के लिए नगर परिषद द्वारा 58 लाख रुपए की लागत से लगाए गए सीसीटीवी कैमरे अब महज शोपीस बनकर रह गए हैं। दो साल पहले बदमाशों के चेहरे पहचानने (फेस डिटेक्शन) के जिस बड़े दावे के साथ यह सिस्टम लगाया गया था, वह पूरी तरह फेल साबित हो रहा है। शहर में लगे कुल 52 कैमरों में से वर्तमान में केवल 18 ही चालू हैं, जबकि 34 कैमरे मेंटेनेंस के अभाव में धूल फांक रहे हैं।
नगर परिषद ने दो साल पहले शहर के मुख्य बाजारों, कॉलोनियों और प्रमुख मार्गो पर सुरक्षा ग्रिड तैयार किया था। इसके तहत अग्रसेन सर्किल, आनंदनगर कॉलोनी, स्टेशन रोड, किशनगढ़ रोड और हनुमान पहाड़ी जैसे संवेदनशील पॉइंट्स पर कैमरे लगाए गए थे। इन कैमरों की गारंटी अवधि भी करीब सात माह पहले समाप्त हो चुकी है। अब हालत यह है कि कोई वारदात होने पर पुलिस को सरकारी कैमरों से फुटेज नहीं मिलते, जिससे निजी कैमरों पर निर्भर रहना पड़ता है। निजी कैमरों की क्वालिटी हल्की होने के कारण अपराधियों की पहचान नहीं हो पाती और वे फरार हो जाते हैं।
कंट्रोल रूम में धुंधली तस्वीरें, जांच में परेशानी
खैरथल थाने में इन कैमरों की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया था। लेकिन अधिकांश कैमरों की रिकॉर्डिंग बंद है और जो चालू हैं, उनकी तस्वीरें इतनी धुंधली आती हैं कि संदिग्ध का चेहरा साफ नहीं दिखता। लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी सुरक्षा तंत्र लाचार बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कैमरों के नाम पर बजट तो खपा दिया गया, लेकिन उनकी उपयोगिता शून्य है। मामले में नगर परिषद आयुक्त मुकेश शर्मा ने कहा कि शहर में करीब दो साल पहले सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए थे। समय के साथ कई कैमरों में तकनीकी खराबी आ गई है और उनकी गारंटी अवधि भी पूरी हो चुकी है। कैमरों के मेंटेनेंस और रिपेयर को लेकर नया प्लान तैयार किया है।
इनका कहना है -
इस संबंध में ए एस पी जया सिंह ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और अपराधियों की निगरानी के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरे पुलिस के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकते हैं। लेकिन वर्तमान में अधिकांश कैमरों के बंद होने से कई मामलों में फुटेज समय पर नहीं मिल पाते। परिषद से कैमरों के रखरखाव और खराब कैमरों को जल्द ठीक करने के लिए समन्वय किया जा रहा है।


