भरतपुर: सड़क चौड़ीकरण और मुआवजे को लेकर 'सद्बुद्धि यज्ञ',17 मई को सांकेतिक अनशन,26 मई को भरतपुर बंद की चेतावनी
भरतपुर, 10 मई (कोश्लेन्द्र दत्तात्रेय)
भरतपुर जिला व्यापार महासंघ द्वारा सड़क चौड़ीकरण के अंतर्गत बिना मुआवजे भूमि अधिग्रहण के विरोध में चलाए जा रहे आंदोलन के तहत रविवार को लक्ष्मण मन्दिर चौक पर सरकार व प्रशासन की सद्बुद्धि के लिए “सद्बुद्धि यज्ञ” पण्डित महावीर लवानिया द्वारा मंत्रोच्चारण एवं विधि विधान पूर्वक आयोजित किया गया। सद्बुद्धि यज्ञ में महासंघ के जिलाध्यक्ष संजीव गुप्ता एवं जिला महामंत्री विपुल शर्मा यजमान के रूप में उपस्थित रहे तथा प्रभावित क्षेत्रों के व्यापारियों के साथ आहुतियां दीं।
कार्यक्रम में कांग्रेसी नेताओं सहित बड़ी संख्या में व्यापारियों एवं संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने भाग लिया। प्रमुख रूप से साहब सिंह, योगेश सिंघल, भगवान कटारा संघर्ष समिति संयोजक विष्णु जैन, जिला कोषाध्यक्ष जयप्रकाश बजाज, नेता प्रतिपक्ष इंद्रजीत भारद्वाज, सह महामंत्री अंजुम सिंघल, प्रवक्ता प्रदीप शर्मा, मंत्री मनीष मेहरा, विनोद चौटाला, गिरिश सर्राफ, राजेंद्र अग्रवाल सहित विभिन्न बाजारों एवं प्रभावित क्षेत्रों के व्यापारी उपस्थित रहे।
यज्ञ में कच्चा परकोटा, जगराम धाकड़,दारापुरिया, बिनाराय गेट से सिरकी वाले हनुमान मंदिर क्षेत्र, मानसिंह सर्किल, पक्का बाग, सेवर रोड, हीरादास, कुम्हेर गेट, रेडक्रॉस सर्किल से रेलवे स्टेशन मार्ग, शीशम तिराहा से हीरादास, गोलबाग रोड, लक्ष्मण मन्दिर, गंगा मन्दिर सहित अनेक क्षेत्रों के व्यापारियों ने भाग लेकर प्रशासन को सद्बुद्धि प्रदान करने हेतु आहुतियां दीं।
महासंघ के जिलाध्यक्ष संजीव गुप्ता ने कहा कि सरकार व्यापारियों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। व्यापारी अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं, किसी से भीख नहीं मांग रहे। उन्होंने कहा कि जिन व्यापारियों के पास उनकी भूमि एवं दुकानों के वैध दस्तावेज हैं, उन्हें उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए। पहले से ही रोजगार की स्थिति खराब है और अब वर्षों की मेहनत से खड़ी की गई दुकानों को बिना मुआवजे के तोड़ना अन्यायपूर्ण है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन एवं भाजपा के तथाकथित नेता शीघ्र व्यापारियों के साथ बैठकर उनकी मांगों पर सहमति नहीं बनाते हैं तो 17 मई को सांकेतिक अनशन किया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर 26 मई को भरतपुर बंद का आह्वान भी किया जा सकता है।
जिला महामंत्री विपुल शर्मा ने कहा कि माननीय न्यायालय के स्पष्ट आदेश हैं कि बिना मुआवजे भूमि अधिग्रहण नहीं किया जा सकता, फिर भी प्रशासन मुआवजा देने में आनाकानी कर रहा है। उन्होंने कहा कि व्यापारी भी भरतपुर का विकास चाहते हैं, लेकिन अपने विनाश की कीमत पर नहीं। अगर प्रशासन व सरकार द्वारा व्यापारियों की मांगो को नहीं माना गया आंदोलन को बड़े स्तर तक ले जाना पड़े तो भी महासंघ कोई गुरेज नहीं करेगा, पर अपने व्यापारी बंधुओ के हक की लड़ाई लड़ता रहेगा,
पूर्व नेता प्रतिपक्ष इंद्रजीत भारद्वाज ने कहा कि प्रशासन अपने द्वारा ही समय समय पर जारी किए गए दस्तावेजों को ही नहीं मान रहा है, वास्तविक प्रस्तावित सड़क की चौड़ाई जो प्रशासन को चाहिए उक्त स्थानों के राजस्व रिकॉर्ड एवं समय समय पर जारी किए गए पट्टों,निर्माण मंजूरियों आदि का अवलोकन एवं विवेचना ना करने के कारण यह समस्याएं पैदा हो रही हैं संघर्ष समिति संयोजक विष्णु जैन ने कहा कि वर्तमान में आंदोलन चरणबद्ध एवं शांतिपूर्ण तरीके से चलाया जा रहा है, लेकिन यदि सरकार एवं प्रशासन ने जल्द व्यापारियों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को उग्र रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पुतला दहन, जिला बंद सहित अन्य आंदोलनात्मक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा सकते हैं। जिला कोषाध्यक्ष जयप्रकाश बजाज ने कहा कि मुख्यमंत्री का अगले हफ्ते भरतपुर आने का प्रोग्राम बन रहा है वह जिस क्षेत्र में आयेंगे वहां की महासंघ की इकाई की तरफ से भी मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया जाएगा, मुख्यमंत्री का गृह जिला होने की वजह से वह यहां के चप्पे चप्पे से वाकिफ हैं और यहां के व्यापारियों के हालात भी भली भांति जानते हैं यहां छोटे छोटे मंझोले व्यापारी है उनको उनके हक का मुआवजा मिलना ही चाहिए
यज्ञ स्थल पर चारों ओर काले झंडे, काले बैनर, मांगों की तख्तियां एवं विरोध स्वरूप पोस्टर लगाए गए थे। व्यापारियों में सरकार की नीतियों के प्रति भारी रोष देखने को मिला।


