अलवर: कलेक्टर के निरीक्षण के बाद एक्शन, जिला अस्पताल में कुत्तों को पकड़ने के लिए चलाया अभियान
अलवर / राजस्थान
अलवर जिला अस्पताल (सामान्य चिकित्सालय), जनाना और शिशु अस्पताल में अब मरीजों और परिजनों को आवारा कुत्तों के आतंक से निजात मिलेगी। सोमवार को कलेक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला के कड़े निर्देश के बाद नगर निगम की टीम ने अस्पताल परिसर में विशेष रेस्क्यू अभियान शुरू किया है।
वार्डों तक पहुंच गए थे कुत्ते, परिजनों ने की थी शिकायत
सोमवार सुबह कलेक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला जिला अस्पताल, जनाना और शिशु अस्पताल के औचक निरीक्षण पर पहुंची थीं। निरीक्षण के दौरान मरीजों के परिजनों ने सुरक्षा को लेकर गंभीर शिकायतें दर्ज कराईं। परिजनों ने बताया कि अस्पताल के वार्डों और गैलरियों में आवारा कुत्ते बेखौफ घूम रहे हैं, जिससे बच्चों और मरीजों के लिए खतरा बना हुआ है। साथ ही, परिसर में असामाजिक तत्वों और शराबियों के जमावड़े की भी शिकायत की गई।
कलेक्टर का तत्काल निर्देश, घंटों में पहुंची टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने मौके से ही नगर निगम कमिश्नर सोहन सिंह नरूका को फोन कर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। निर्देश मिलते ही नगर निगम की टीम जाल और संसाधनों के साथ अस्पताल पहुंची।
अब तक 7 कुत्तों का रेस्क्यू
नगर निगम कर्मचारी धर्मसिंह गुर्जर ने बताया कि अस्पताल की गैलरियों और वार्डों के पास घेराबंदी कर कुत्तों को पकड़ा जा रहा है। अभियान की प्रगति इस प्रकार रही:
-
सुबह 11 बजे: अस्पताल परिसर से 3 कुत्तों को पकड़ा गया।
-
दोपहर बाद: 4 और कुत्तों को जाल बिछाकर रेस्क्यू किया गया।
-
कुल 7 कुत्तों को अब तक पकड़ा जा चुका है, जिन्हें शहर से बाहर निर्धारित स्थान पर छोड़ा जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था होगी सख्त
निगम की टीम ने जिला अस्पताल के बाद जनाना और शिशु अस्पताल में भी कार्रवाई जारी रखी। कलेक्टर के इस सख्त रुख के बाद अस्पताल प्रशासन भी सतर्क हो गया है। वार्डों में बाहरी व्यक्तियों और आवारा पशुओं के प्रवेश को रोकने के लिए सुरक्षा इंतजामों को और पुख्ता करने की कवायद शुरू कर दी गई है।


