राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत मेडीकल सिंधी शब्दावली निर्माण हेतु विशेषज्ञ समिति की द्वितीय बैठक प्रारंभ
खैरथल (हीरालाल भूरानी) शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन वैज्ञानिक तथा तकनीकी शब्दावली आयोग (CSTT) द्वारा "बृहत पारिभाषिक शब्द संग्रह : आयुर्विज्ञान (अंग्रेजी–हिंदी–सिंधी)" के निर्माण हेतु विशेषज्ञ सलाहकार समिति की द्वितीय बैठक का शुभारंभ जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, अजमेर में हुआ। 20 से 24 जुलाई तक आयोजित पाँच दिवसीय कार्यशाला में देशभर के चिकित्सा, सिंधी भाषा एवं संस्कृत विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।
उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि प्राचार्य डॉ. अनिल सामरिया ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप भारतीय भाषाओं में मेडीकल डिक्शनरी चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और जनस्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
आयोग के सहायक निदेशक जयसिंह रावत ने कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि सिंधी भाषा में यह परियोजना मरीज डॉक्टर के मध्य संवाद बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। राजस्थान सिंधी अकादमी के पूर्व अध्यक्ष और रिटायर्ड उपनिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग राजस्थान सरकार से डॉ लाल थदानी ने बताया कि मेडिकल कॉलेज और शिक्षा विभाग के नितिकार विशेषज्ञ प्रथम चरण में 3000 शब्दावली का निर्माण कर चुके हैं और द्वितीय चरण में 6000 शब्दावली तैयार की जाएगी।
बैठक समन्वयक डॉ. दीपा थदानी ने उद्घाटन सत्र में मंचासीन अतिथियों विशेषज्ञों का स्वागत करते हुए जून 2027 तक परियोजना को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने का आह्वान किया। अतिरिक्त प्राचार्य डॉ. कमलेश तनवानी ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. महेश मेहता ने किया।
मंचासीन अतिथियों में प्राचार्य डॉ अनिल सामरिया, चिकित्सालय अधीक्षक, डॉ अरविंद खरे, उपाध्यक्ष डॉ अमित यादव , डॉ श्याम भूतड़ा, डॉ हेमेश्वर हर्षवर्धन, डॉ कमलेश कुमार तनवानी, डॉ गरिमा बाफना, डॉ ज्योत्सना चांदवानी , डॉ महेंद्र खन्ना, आदि का डॉक्टर गुरदास खिलानी डॉक्टर हंसो दादलानी, डॉ कमला गोकलानी, डॉ गोपाल बूलचंदानी ने माला पहनाकर पौधा देकर सम्मानित किया ।
कार्यशाला में 10 चिकित्सा विशेषज्ञ, 6 सिंधी भाषा विशेषज्ञ, 1 संस्कृत विशेषज्ञ तथा 1 डेटा विशेषज्ञ सहित कुल 18 विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। डॉ अनिल सामरिया ने बताया विशेषज्ञों द्वारा अनुमोदित सिंधी पारिभाषिक शब्द आगामी प्रकाशन "बृहत पारिभाषिक शब्द संग्रह : आयुर्विज्ञान (अंग्रेजी–हिंदी–सिंधी)" का हिस्सा बनेंगे, जो चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान एवं सिंधी भाषी समाज के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ ग्रंथ सिद्ध होगा।


