भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशन में संचालित ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूज्डे अभियान के अंतर्गत मंगलवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, भरतपुर द्वारा जिले के विभिन्न सरकारी एवं गैर-सरकारी विद्यालयों में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को ड्रग्स को ना कहें, अपने सपनों को हाँ कहें। ड्रग्स लेना उपयुक्त नहीं, अपने दिमाग, शरीर और भविष्य की रक्षा करें। विषय पर जागरूक करना रहा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला एवं सेशन न्यायाधीश बलजीत सिंह के मार्गदर्शन में तथा जिले के समस्त न्यायिक अधिकारियों द्वारा कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए 30 से 60 मिनट की अवधि के विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। शिविरों में विद्यार्थियों को सामान्य शिक्षा के साथ-साथ विधिक ज्ञान एवं समसामयिक कानूनी विषयों की जानकारी भी प्रदान की गई।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव नवीन कुमार किलानियां द्वारा सोनी एकेडमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, काली बगीची में आयोजित शिविर में विद्यार्थियों को नशे की लत, उसके दुष्परिणाम, स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव तथा इससे बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। विद्यार्थियों से नशामुक्त जीवन अपनाने और अपने उज्ज्वल भविष्य के निर्माण का संकल्प लेने का आह्वान किया गया। शिविर के दौरान विद्यार्थियों को एंटी रैगिंग कानून, पोक्सो अधिनियम, नालसा की विभिन्न योजनाएँ, घरेलू हिंसा से संरक्षण, निःशुल्क विधिक सहायता, कानूनी प्रक्रिया, बाल विवाह के दुष्परिणाम, राजस्थान पीड़ित प्रतिकर योजना, ट्रैफिक नियमों का पालन, बिना लाइसेंस वाहन न चलाने सहित महत्वपूर्ण विधिक विषयों की जानकारी दी गई। साथ ही चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 एवं राष्ट्रीय विधिक सहायता टोल-फ्री हेल्पलाइन 15100 के बारे में भी अवगत कराया गया।
अभियान के अंतर्गत भरतपुर न्यायक्षेत्र के विभिन्न न्यायिक अधिकारियों ने भी अलग-अलग विद्यालयों में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित कर विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को इलेक्ट्रॉनिक संसाधनों के सुरक्षित उपयोग, साइबर एवं डेटा सुरक्षा तथा डिजिटल माध्यमों के जिम्मेदार उपयोग के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें कानून के प्रति जागरूक, जिम्मेदार एवं सजग नागरिक बनने का संदेश दिया गया।