ओबीसी सर्वे एप बनी परेशानी का सबब, देर रात तक काम के बावजूद डेटा अपलोड नहीं; प्रगणकों में बढ़ी चिंता
बावड़ी (जोधपुर /मिश्रीलाल लखारा) राज्य सरकार द्वारा कराए जा रहे अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) सर्वे के लिए विकसित की गई सरकारी मोबाइल एप इन दिनों तकनीकी खामियों के कारण प्रगणकों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनी हुई है। एप में बार-बार "Please Wait..." का संदेश आना, विभाग चयन के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू नहीं होना, सर्वर पर डेटा अपलोड नहीं होना तथा बीच-बीच में एप का हैंग हो जाना जैसी समस्याओं के कारण सर्वे कार्य की रफ्तार बेहद धीमी पड़ गई है। जिले सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों से प्रगणकों द्वारा लगातार ऐसी शिकायतें सामने आ रही हैं। सर्वे कर रहे प्रगणकों का कहना है कि उन्हें सुबह से लेकर देर रात तक लगातार घर-घर जाकर सर्वे करना पड़ रहा है।
एक परिवार का पूरा विवरण भरने में काफी समय लगता है, लेकिन जब जानकारी अपलोड करने की बारी आती है तो एप लंबे समय तक लोडिंग पर अटक जाती है या डेटा सर्वर तक नहीं पहुंच पाता। कई बार पूरी जानकारी भरने के बाद भी एप बंद हो जाती है, जिससे उसी परिवार का विवरण दोबारा दर्ज करना पड़ता है। इससे समय और मेहनत दोनों की बर्बादी हो रही है। फील्ड में कार्य कर रहे प्रगणकों के अनुसार पूरे दिन की मेहनत के बावजूद मुश्किल से 8 से 10 परिवारों का डेटा ही अपलोड हो पा रहा है, जबकि प्रतिदिन इससे कई गुना अधिक परिवारों का सर्वे करने का लक्ष्य दिया गया है। निर्धारित लक्ष्य पूरा नहीं होने से कर्मचारियों पर मानसिक दबाव बढ़ रहा है और उन्हें देर रात तक कार्य करना पड़ रहा है।
इंटरनेट नेटवर्क की नहीं है- कई स्थानों पर तेज इंटरनेट उपलब्ध होने के बावजूद एप "Please Wait..." स्क्रीन पर ही अटक जाती है। विभाग चुनने के बाद आगे का पेज नहीं खुलता, लॉगिन प्रक्रिया बाधित हो जाती है और कई बार डेटा सेव होने के बावजूद सर्वर पर दिखाई नहीं देता। ऐसे में यह भी स्पष्ट नहीं हो पाता कि कौन-सा सर्वे सफलतापूर्वक अपलोड हुआ और कौन-सा नहीं। इस सर्वे का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि ओबीसी सर्वे के आधार पर राज्य में होने वाले पंचायती राज एवं स्थानीय निकाय चुनावों से जुड़ी आगे की प्रक्रिया पूरी की जानी है।
राज्य सरकार चुनाव संबंधी समय-सारिणी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर चुकी है। ऐसे में यदि सर्वे एप की तकनीकी समस्याएं जल्द दूर नहीं हुईं तो निर्धारित समय-सीमा में सर्वे पूरा करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, जिससे आगे की प्रक्रिया भी प्रभावित होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। प्रगणकों ने मांग की है कि सरकार और संबंधित विभाग तत्काल सर्वर क्षमता बढ़ाए, एप की तकनीकी खामियों को दूर करे तथा सर्वे की समय-सीमा पर भी आवश्यक निर्णय ले, ताकि फील्ड में कार्य कर रहे हजारों कर्मचारियों की मेहनत व्यर्थ न जाए और सर्वे समय पर पूरा हो सके।


