डोडा चूरा का दो हज़ार प्रति किलो मुआवजा देने की मांग, किसान संघ ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
जहाजपुर (मोहम्मद आज़ाद नेब) भारतीय किसान संघ, चित्तौड़ प्रांत के पदाधिकारियों ने अफीम उत्पादक किसानों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी क्षत्रपाल चौधरी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आबकारी विभाग द्वारा डोडा चूरा के अनिवार्य नष्टीकरण (जमींदोज) की वर्तमान व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की मांग की गई।
भारत सरकार अफीम उत्पादक किसानों से निर्धारित मानकों के अनुसार अफीम खरीद लेती है, लेकिन उससे बचने वाले डोडा चूरा को वर्ष 2016 से पहले राज्य सरकार ठेका प्रणाली के माध्यम से लगभग 125 रुपए प्रति किलो की दर से खरीदती थी। इसके बाद खरीद व्यवस्था बंद कर किसानों को डोडा चूरा नष्ट करने के निर्देश दिए गए, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
भारतीय किसान संघ ने मांग की है कि राज्य सरकार किसानों को डोडा चूरा का 2 हजार प्रति किलो की दर से मुआवजा प्रदान करे। यदि यह संभव नहीं हो तो किसानों को अपने ही खेत में डोडा चूरा का नष्टीकरण (जमींदोज) करने की अनुमति दी जाए तथा स्व-घोषणा प्रमाण पत्र के आधार पर किसानों पर विश्वास किया जाए।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि कई किसानों के कच्चे मकान होने के कारण डोडा चूरा को सुरक्षित रखना कठिन होता है। कई बार यह बारिश में भीग जाता है या मवेशी खा जाते हैं, जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। संघ का कहना है कि खेत में ही डोडा चूरा जमींदोज करने से भूमि की उर्वरता बढ़ेगी, जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा और किसानों का शोषण भी रुकेगा।
किसान संघ ने राज्य सरकार से मांग की है कि जब तक डोडा चूरा का उचित मुआवजा तय नहीं किया जाता, तब तक नष्टीकरण के आदेश स्थगित किए जाएं अथवा किसानों को अपने खेत में ही नष्टीकरण करने की अनुमति प्रदान की जाए। इस दौरान भारतीय किसान संघ के प्रांत अफीम आयाम प्रमुख एवं अध्यक्ष बद्री लाल तेली, पूर्व सरपंच रामप्रसाद बलाई, मुकेश धाकड़,रामपाल धाकड़, छोटी देवी, नंदा धाकड़,पूर्व सरपंच लक्ष्मण चपलोत सहित अन्य किसान प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


